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मुजफ्फरपुर अग्निकांड में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, एक और मरीज ने तोड़ा दम, अब तक 7 लोगों की गई जान

Bihar News: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। इलाज के दौरान एक और मरीज की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़ गई है। घटना के बाद प्रशासन ने अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया...

मुजफ्फरपुर अग्निकांड में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, एक और मरीज ने तोड़ा दम, अब तक 7 लोगों की गई जान
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस हादसे में घायल एक और मरीज अंजनी कुमार सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. वह घटना के बाद दूसरे अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. इस मौत के साथ ही अग्निकांड में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है.


घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल बड़ी कार्रवाई की है. प्रसाद अस्पताल का निबंधन रद्द कर दिया गया है. साथ ही अस्पताल प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.


इस मामले में अग्निशमन विभाग के अधिकारी के बयान पर अस्पताल के मालिक, प्रबंधन और अन्य जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद कार्रवाई करते हुए अस्पताल के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था. हालांकि बाद में न्यायालय से उन्हें राहत मिल गई और उन्हें रिहा कर दिया गया.


हादसे के बाद जिला प्रशासन की टीम ने अस्पताल को पूरी तरह खाली करा दिया है. वहां भर्ती मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया और पूरे भवन को सील कर दिया गया है. अब बिना प्रशासनिक अनुमति के अस्पताल परिसर में किसी भी तरह की गतिविधि नहीं हो सकेगी.


इधर, कमिश्नर के सख्त निर्देश के बाद कई विभाग जांच में जुट गए हैं. भवन निर्माण विभाग, बिजली विभाग और नगर निगम की टीमें अस्पताल से जुड़े सभी कागजातों की गहन जांच कर रही हैं. अस्पताल के निर्माण, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, बिजली कनेक्शन और अन्य जरूरी अनुमतियों की एक-एक फाइल खंगाली जा रही है.


जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि आखिर अस्पताल में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था और कहीं किसी स्तर पर ऐसी लापरवाही तो नहीं हुई, जिसने इस बड़े हादसे को जन्म दिया.