ब्रेकिंग
जेडीयू कार्यालय पहुंचे नीतीश कुमार पर कार्यकर्ताओं ने की फूलों की बारिश, फादर्स डे पर पिता के पैर छूकर निशांत ने लिया आशीर्वादपटना में नवनिर्मित मकान से युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकासुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांगबेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दजेडीयू कार्यालय पहुंचे नीतीश कुमार पर कार्यकर्ताओं ने की फूलों की बारिश, फादर्स डे पर पिता के पैर छूकर निशांत ने लिया आशीर्वादपटना में नवनिर्मित मकान से युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकासुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांगबेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्द

Bihar News: मलेशिया की यूनिवर्सिटी का बिहार विश्वविद्यालय से हुआ करार, होने जा यह बड़ा काम

Bihar News: BRABU के साइकोलॉजी विभाग ने पहली बार थारू जनजाति पर एक समग्र मनोवैज्ञानिक अध्ययन की शुरुआत की है, जिसमें मलेशिया के प्रतिष्ठित मोनाश विश्वविद्यालय की शोधकर्ता टीम भी सहभागिता करेगी.

Bihar News
बिहार न्यूज
© GOOGLE
Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: बाबासाहब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के साइकोलॉजी विभाग ने पहली बार थारू जनजाति पर एक समग्र मनोवैज्ञानिक अध्ययन की शुरुआत की है, जिसमें मलेशिया के प्रतिष्ठित मोनाश विश्वविद्यालय (Monash University) की शोधकर्ता टीम भी सहभागिता करेगी। यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत बिहार की किसी जनजाति पर अकादमिक स्तर पर गहन शोध किया जा रहा है।


विभागाध्यक्ष प्रोफेसर गुप्ता के अनुसार, इस अध्ययन का उद्देश्य थारू जनजाति की बौद्धिक क्षमता, आत्म-सम्मान, संवेदनात्मक बुद्धिमत्ता और शैक्षिक स्तर का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन करना है। शोध टीम हर गुरुवार को पश्चिम चंपारण के बगहा क्षेत्र का दौरा करेगी, जहां वे थारू समुदाय के लोगों से बातचीत कर उनके सामाजिक व्यवहार, जीवनशैली, शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण और सामाजिक बदलावों को समझने का प्रयास करेगी।


बता दें कि, अध्ययन के तहत थारू समुदाय के 300 लोगों को एक विशेष प्रश्नावली दी जाएगी, जिसमें लगभग 50 प्रश्न होंगे। इन सवालों के जरिए न केवल उनकी आत्म-धारणा और सामाजिक सोच का मूल्यांकन होगा, बल्कि यह भी समझा जाएगा कि वे बाहरी समाज और प्रशासनिक ढांचे को किस दृष्टि से देखते हैं। इस प्रक्रिया में आसपास के गैर-जनजातीय लोगों से भी बातचीत की जाएगी ताकि यह समझा जा सके कि वे थारू जनजाति के बारे में क्या राय रखते हैं।


प्रो. गुप्ता स्वयं आगामी महीने में मलेशिया के मोनाश यूनिवर्सिटी का दौरा करेंगे, जहां वे इस परियोजना की रूपरेखा और अब तक की प्रगति को साझा करेंगे। इसके बाद मोनाश विश्वविद्यालय की शोधकर्ता टीम बिहार के बगहा आएगी और बीआरएबीयू के साथ मिलकर फील्ड रिसर्च करेगी। थारू जनजाति, नेपाल और भारत के सीमावर्ती तराई क्षेत्रों में निवास करती है और पश्चिम चंपारण जिले में इनकी आबादी एक लाख से अधिक है। बगहा, रामनगर और गौनाहा प्रखंडों में इस समुदाय की प्रमुख उपस्थिति है। बगहा की 25 पंचायतों में से 20 में थारू बहुलता है और इस जनजाति के लगभग 25,000 मतदाता हैं।


अध्ययन में यह भी देखा जाएगा कि बीते वर्षों में थारू जनजाति की सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक स्थिति में क्या-क्या परिवर्तन हुए हैं। क्या इन बदलावों ने उनके आत्म-सम्मान और समाज में उनकी भागीदारी को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है? यह परियोजना न सिर्फ अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह नीति निर्धारण, आदिवासी विकास और सामाजिक समावेशन के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रदान कर सकती है।