ब्रेकिंग
जमुई की घटना को लेकर जन सुराज ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल, आरोपियों पर कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित छात्र-छात्रा की सुरक्षा की मांगमधुबनी में ननिहाल आए 6 साल के बच्चे की मौत, मामी पर हत्या का आरोप; बोरे में मिला शवतेजप्रताप यादव की अलमारी में 20 लाख रूपये कैश कहां से आये? हाईकोर्ट में उठा सवाल, पूर्व पीए मोतीलाल यादव की गिरफ्तारी पर लगी रोक बिहार के भूमिहीन परिवारों को मिलेगा वासभूमि का पर्चा, 22 सितंबर से सभी पंचायतों में लगेंगे विशेष शिविरमुजफ्फरपुर में 27 लाख की बैंक डकैती मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्मानाजमुई की घटना को लेकर जन सुराज ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल, आरोपियों पर कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित छात्र-छात्रा की सुरक्षा की मांगमधुबनी में ननिहाल आए 6 साल के बच्चे की मौत, मामी पर हत्या का आरोप; बोरे में मिला शवतेजप्रताप यादव की अलमारी में 20 लाख रूपये कैश कहां से आये? हाईकोर्ट में उठा सवाल, पूर्व पीए मोतीलाल यादव की गिरफ्तारी पर लगी रोक बिहार के भूमिहीन परिवारों को मिलेगा वासभूमि का पर्चा, 22 सितंबर से सभी पंचायतों में लगेंगे विशेष शिविरमुजफ्फरपुर में 27 लाख की बैंक डकैती मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना

मकान का नक्शा पास कराने के लिए नहीं करना पड़ेगा महीनों इंतजार, नगर आयुक्त ने जारी किया खास आदेश

मुजफ्फरपुर में भवन निर्माण अब और आसान होने जा रहा है। नगर निगम ने नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब लंबित नक्शों के लिए लंबा इंतजार खत्म होगा, और नए आवेदनों पर भी जल्द फैसला लिया जाएगा।

house map
house map
© house map
User1
3 मिनट

बिहार के मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र में मकान बनाने की चाहत रखने वालों के लिए खुशखबरी है। नगर निगम ने नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कमर कस ली है। अब लोगों को भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने लंबित आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महीने में 100 नक्शे स्वीकृत कर दिए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने भविष्य के लिए 30 दिनों की समय सीमा भी तय कर दी है। यानी अब नए आवेदनों पर 30 दिनों के अंदर निर्णय लेना होगा।


नगर आयुक्त ने इंजीनियरों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना किसी लापरवाही के तेजी से जांच कर लंबित और नए नक्शे स्वीकृत करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी अगर कोई शिकायत मिली तो इंजीनियरों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नक्शा स्वीकृत करने में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों से शो-कॉज भी मांगा गया है। नगर आयुक्त खुद इसकी प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं और सख्त निर्देश दिया है कि किसी भी व्यक्ति को बेवजह परेशान न किया जाए। अगर किसी को परेशान किया गया या दौड़ाया गया तो शिकायत मिलने पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।


दरअसल नक्शा स्वीकृति में देरी होने पर निगम के कुछ कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और आर्किटेक्ट इंजीनियर कार्यालय खर्च के नाम पर अवैध पैसे की मांग करते हैं। जिन लोगों को बैंक से लोन लेकर मकान बनाना है, उनके लिए यह अतिरिक्त खर्च बड़ी समस्या खड़ी कर देता है। सूत्रों के अनुसार नगर निगम में इन दिनों एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है, जो जानबूझकर नक्शा स्वीकृति में देरी करता है, ताकि अवैध वसूली की जा सके। 


अब नगर आयुक्त ने इस सिंडिकेट पर लगाम लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर कोई भी इंजीनियर या कर्मचारी नक्शा स्वीकृति के नाम पर तय शुल्क से अधिक पैसे की मांग करता है, तो वे सीधे उनके व्हाट्सएप नंबर 7488552120 या मुजफ्फरपुर नगर निगम की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही संबंधित कर्मचारी के नाम से कार्यालय में लिखित शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में न सिर्फ पारदर्शिता आएगी, बल्कि रिश्वतखोरी पर भी लगाम लगेगी। अब मुजफ्फरपुर में भवन निर्माण कराने वालों के लिए प्रक्रिया आसान और सुगम हो गई है।