ब्रेकिंग
अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान

Bihar News : नेपाल सीमा तक सड़क होगी चौड़ी, इस रूट के फोरलेन सड़क परियोजना को मिली मंजूरी

मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा के सोनबरसा तक NH-22 को फोरलेन बनाने की परियोजना को वन विभाग की NOC मिल गई है। 2831 करोड़ की लागत से 82 किमी सड़क का निर्माण सितंबर से शुरू होने की संभावना है।

Bihar News : नेपाल सीमा तक सड़क होगी चौड़ी, इस रूट के फोरलेन सड़क परियोजना को मिली मंजूरी
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा तक प्रस्तावित एनएच-22 के चौड़ीकरण की राह अब लगभग साफ हो गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की सबसे बड़ी बाधा मानी जा रही वन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिल चुकी है। इसके साथ ही अब इस राष्ट्रीय राजमार्ग को दो लेन से चार लेन में बदलने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो गईं तो इस परियोजना पर निर्माण कार्य सितंबर 2026 से शुरू हो सकता है।


भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (एचएएम) के तहत पूरा करने का प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत कर दिया है। अब मुख्यालय स्तर से निविदा प्रक्रिया के जरिए निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके बाद कार्यादेश जारी होते ही सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।


एनएचएआई की मुजफ्फरपुर परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से वन विभाग से एनओसी मिलने का इंतजार किया जा रहा था। फरवरी के अंतिम सप्ताह में वन विभाग ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी, जिसके बाद अब आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना के तहत पहले 3590.79 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 90 किलोमीटर लंबे एनएच-22 को दो लेन से चार लेन में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया था।


हालांकि मुख्यालय स्तर से फिलहाल 2831.42 करोड़ रुपये की लागत से 82.551 किलोमीटर सड़क को ही चार लेन में बदलने की स्वीकृति दी गई है। इस हिस्से के लिए पिछले महीने ही निविदा जारी की जा चुकी है। प्रस्ताव के अनुसार इस सड़क को 22 मीटर चौड़ाई में विकसित किया जाएगा, जिसमें दो मीटर चौड़ा डिवाइडर भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सड़क का निर्माण किया जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही सुरक्षित और सुगम हो सके।


परियोजना क्रियान्वयन इकाई के अधिकारियों के अनुसार निर्माण एजेंसी को कार्यादेश दिए जाने के बाद 910 दिनों यानी करीब ढाई वर्षों के भीतर इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अच्छी बात यह है कि इस परियोजना के लिए बहुत अधिक जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ी। जितनी जमीन की आवश्यकता थी, उसका अधिग्रहण पिछले वर्ष ही पूरा कर लिया गया था और प्रभावित रैयतों को मुआवजा भी दे दिया गया है।


एनएच-22 का यह फोरलेन परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना (एनएचडीपी) के तहत देश के सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने की बड़ी योजना का हिस्सा है। इसके पूरा होने से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी सहित आसपास के जिलों में यातायात व्यवस्था काफी बेहतर हो जाएगी। साथ ही नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में सड़क संपर्क और मजबूत होगा, जिससे दोनों देशों के बीच आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।


स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी इस परियोजना से काफी उम्मीदें हैं। फोरलेन सड़क बनने से यात्रा का समय कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है। इसके अलावा परिवहन सुविधा बेहतर होने से क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नया बल मिलेगा।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तर बिहार के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। सड़क संपर्क मजबूत होने से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। आने वाले समय में यह मार्ग नेपाल से जुड़ी व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी एक प्रमुख कनेक्टिविटी कॉरिडोर बन सकता है।