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Bihar News: बेटा हुआ कहकर दी बधाई, घर पहुंचते ही निकली बेटी; परिजनों ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर के SKMCH अस्पताल में प्रसव के बाद लिंग बदलने का मामला सामने आया है। नर्स ने नवजात को बेटा बताया, लेकिन घर पहुंचने पर परिजनों को मिली बेटी, जिसके बाद अस्पताल में हंगामा हुआ और जांच शुरू कर दी गई है।

 Bihar News: बेटा हुआ कहकर दी बधाई, घर पहुंचते ही निकली बेटी; परिजनों ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप
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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) स्थित मातृ एवं शिशु केंद्र (MCH) में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। अहियापुर के बीजेछपरा गांव की महिला चंचला कुमारी के प्रसव के बाद नवजात के लिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंगलवार की सुबह 6:50 बजे चंचला का प्रसव हुआ, जिसके बाद नर्स ने परिजनों को बताया कि बेटा हुआ है। परिजनों ने खुशी-खुशी बधाइयाँ दीं और घर लौट गए।


लेकिन जब घर पहुंचकर बच्चे को देखा गया तो नवजात बेटी थी। इससे परिवार स्तब्ध रह गया और उन्होंने तुरंत SKMCH पहुंचकर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनके बच्चे को बदल दिया गया है। अस्पताल के बेड हेड टिकट (BHT) में भी नवजात के लड़का होने का ही उल्लेख है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। सूचना मिलते ही SDPO-2 विनीता सिन्हा अस्पताल पहुंचीं और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी। गायनी विभाग की HOD डॉ. प्रतिमा कुमारी से भी उन्होंने इस संबंध में जानकारी ली। अस्पताल प्रशासन ने भी इस घटना की आंतरिक जांच प्रारंभ कर दी है।


चंचला कुमारी के पति अजीत कुमार ने बताया कि सोमवार की रात पत्नी को भर्ती कराया गया था। नर्स ने सुबह बेटे के जन्म की सूचना दी और बाद में चंचला की मां को बच्चा सौंपा गया। परिजनों के अनुसार, बच्चा देने वाली नर्स की पहचान भी कर ली गई है। यह पहला मामला नहीं है जब SKMCH पर नवजात बदलने का आरोप लगा है। 8 फरवरी 2020 को भी शिवहर जिले की एक महिला ने नवजात को अस्पताल के NICU में भर्ती कराया था, जहां से एक महिला नवजात को बदलकर ले गई। उस महिला का CCTV फुटेज भी सामने आया था, लेकिन आज तक वह बच्चा नहीं मिला।


लगातार सामने आ रहे इस तरह के मामलों से SKMCH की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल में CCTV कैमरों की निगरानी के बावजूद बार-बार ऐसे मामले सामने आना अस्पताल की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। मेडिकल ओपी प्रभारी राजकुमार गौतम ने परिजनों को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही डीएनए टेस्ट जैसे वैज्ञानिक तरीकों से स्थिति स्पष्ट की जाएगी।