ब्रेकिंग
नवरात्रि पर बिहार की बेटियों को बड़ी सौगात… 1,000 छात्राओं को हर महीने मिलेंगे 10-10 हजार रुपये✦दिल्ली में तेजस्वी यादव का दिखा अलग अंदाज, सुरक्षाकर्मियों के साथ ऑटो में किया सफर; वीडियो वायरल✦सुबह-सुबह चाय बनाते वक्त सिलेंडर में जोरदार धमाका, दो घरों में फैली आग; जेवर-नकदी पलभर में जलकर राख✦Bihar MLC Election: पिता नीतीश कुमार से आशीर्वाद लेकर चुनाव प्रचार पर निकले निशांत, पार्टी के कई बड़े नेता साथ✦भू माफिया पर एक्शन..SP ने तीन DSP के नेतृत्व में कराई छापेमारी,जमीन के 65 डीड, हथियार बरामद, एक पुलिस अधिकारी के संरक्षण की चर्चा✦नवरात्रि पर बिहार की बेटियों को बड़ी सौगात… 1,000 छात्राओं को हर महीने मिलेंगे 10-10 हजार रुपये✦दिल्ली में तेजस्वी यादव का दिखा अलग अंदाज, सुरक्षाकर्मियों के साथ ऑटो में किया सफर; वीडियो वायरल✦सुबह-सुबह चाय बनाते वक्त सिलेंडर में जोरदार धमाका, दो घरों में फैली आग; जेवर-नकदी पलभर में जलकर राख✦Bihar MLC Election: पिता नीतीश कुमार से आशीर्वाद लेकर चुनाव प्रचार पर निकले निशांत, पार्टी के कई बड़े नेता साथ✦भू माफिया पर एक्शन..SP ने तीन DSP के नेतृत्व में कराई छापेमारी,जमीन के 65 डीड, हथियार बरामद, एक पुलिस अधिकारी के संरक्षण की चर्चा

मुजफ्फरपुर में सेप्टिक टैंक बना मौत का कुआं, जहरीली गैस से दो मजदूरों की मौत, बचाने उतरे तीसरे मजदूर की हालत गंभीर

मुजफ्फरपुर में एसएसपी आवास के पास निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक की सेंट्रिंग खोलने उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई। बचाने उतरा तीसरा मजदूर भी गंभीर रूप से घायल हुआ। मृतकों में साला-बहनोई शामिल हैं।

बिहार न्यूज
साला बहनोई की मौत
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक नवनिर्मित शौचालय की टंकी दो परिवारों के लिए मौत का कुआं साबित हुई। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आवास के समीप सोमवार सुबह एक मकान में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक की सेंट्रिंग खोलने उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दम घुटने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उन्हें बचाने के प्रयास में उतरा एक अन्य मजदूर भी इस जानलेवा गैस का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका प्राथमिक उपचार अस्पताल में चल रहा है।


सेंट्रिंग खोलने उतरे दो मजदूरों की मौत

यह दर्दनाक हादसा स्थानीय निवासी मुन्ना गुप्ता के नवनिर्मित मकान में हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, करीब 15 दिन पहले ही इस मकान में शौचालय की टंकी की ढलाई का कार्य पूरा किया गया था। ढलाई के बाद से ही टंकी पूरी तरह से बंद थी, जिसके कारण उसके भीतर अत्यधिक मात्रा में भारी और अत्यंत जहरीली गैस जमा हो गई थी। सोमवार सुबह टंकी के अंदर लगी लकड़ी और प्लाई की सेंट्रिंग (शटरिंग) को हटाने के लिए मजदूर सोनू कुमार (निवासी अली नेउरा, मीनापुर) बेहद सामान्य तरीके से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के टंकी के संकरे मुहाने से नीचे उतरा।


बताया जाता है कि टंकी पिछले कई दिनों से बंद थी, हवा न मिलने के कारण ऑक्सीजन का स्तर शून्य हो चुका था और जहरीली गैस का दबाव चरम पर था। नीचे कदम रखते ही सोनू को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। दम घुटने के कारण वह छटपटाने लगा और उसकी चीख निकल गई। ऊपर खड़े ठेकेदार मोहम्मद जहांगीर ने जब सोनू को तड़पते देखा, तो वह बिना अपनी जान की परवाह किए उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत टंकी के अंदर कूद गया। लेकिन जहरीली गैस का प्रकोप इतना भीषण था कि नीचे उतरते ही दोनों अचेत होकर टंकी के तल में गिर पड़े।


साला-जीजा को बचाने पहुंचे तीसरे मजदूर की भी बिगड़ी तबीयत

दोनों जीजा-साले की जान बचाने के लिए बोचहां के सरवदीपुर निवासी तीसरा मजदूर पहुंचा। सोनू और जहांगीर को बेहोश देख दोनों को बाहर निकालने का प्रयास करने लगा। इस रेस्क्यू की कोशिश के दौरान दिनेश भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालांकि, स्थानीय लोगों और आसपास के श्रमिकों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को किसी तरह टंकी से बाहर निकाला जा सका। लेकिन तब तक बेहद देर हो चुकी थी। दम घुटने और शरीर में जहरीली गैस फैलने के कारण सोनू और मोहम्मद जहांगीर की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि दिनेश को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।


परिजनों में कोहराम, साला-बहनोई थे दोनों मृतक:

इस हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि जान गंवाने वाले दोनों मृतक आपस में करीबी रिश्तेदार थे। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मृतक सोनू और ठेकेदार मोहम्मद जहांगीर आपस में साला-बहनोई थे। एक ही परिवार के दो कमाऊ सदस्यों की इस अचानक और खौफनाक मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव मीनापुर के अली नेउरा पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।


मौके पर पहुंची पुलिस

एसएसपी आवास के ठीक पास हुए इस भीषण हादसे की सूचना मिलते ही सिकंदरपुर थाना पुलिस दलबल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित और हताश भीड़ को शांत कराया और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमएच) भेज दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला बंद सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस (जैसे मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड) के रिसाव के कारण दम घुटने का लग रहा है। पुलिस मकान मालिक और कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर बिना सुरक्षा मानकों के सेप्टिक टैंक में उतरने के खतरों को उजागर करती है।

टैग्स
रिपोर्टिंग
M

रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता