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Muzaffarpur Airport: 7 सितंबर को बदलेगी पताही एयरपोर्ट की किस्मत! CM सम्राट करेंगे शिलान्यास, 4 दशक बाद फिर उड़ेंगे विमान?

मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट से जुड़ी बड़ी खबर है। 7 सितंबर को CM सम्राट चौधरी नए निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। करीब चार दशक से बंद हवाई सेवा फिर शुरू होने की उम्मीद जगी है। इससे पूरे उत्तर बिहार को बड़ा फायदा मिल सकता है।

Muzaffarpur Airport: 7 सितंबर को बदलेगी पताही एयरपोर्ट की किस्मत! CM सम्राट करेंगे शिलान्यास, 4 दशक बाद फिर उड़ेंगे विमान?
Tejpratap
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मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार के लोगों के लिए सितंबर का पहला सप्ताह बड़ी उम्मीद लेकर आ रहा है। जिस पताही एयरपोर्ट से कभी छोटे यात्री विमान उड़ान भरते थे, वहां एक बार फिर हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद मजबूत हुई है। करीब चार दशक से नियमित उड़ानों से दूर रहे इस एयरपोर्ट के नए सिरे से विकास का रास्ता अब साफ होता दिखाई दे रहा है। 7 सितंबर को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पताही एयरपोर्ट के नए निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे।

शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम में केंद्र और बिहार सरकार के कई मंत्री भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में पताही एयरपोर्ट का यह कार्यक्रम सिर्फ एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि उत्तर बिहार की हवाई कनेक्टिविटी के लिए एक बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

चार दशक से खामोश रनवे, अब फिर गूंजेगी विमानों की आवाज?

पताही एयरपोर्ट का इतिहास नया नहीं है। करीब छह दशक पुराने इस एयरपोर्ट ने वह दौर भी देखा है जब मुजफ्फरपुर से पटना के बीच नियमित विमान सेवा उपलब्ध थी। 1967 से 1982 तक यहां से नियमित यात्री विमान सेवा संचालित होती थी।उस समय छोटे यात्री विमान एयरपोर्ट के करीब 3600 फीट लंबे रनवे पर उतरते और उड़ान भरते थे। लेकिन वर्ष 1982 के बाद नियमित विमान सेवा बंद हो गई। धीरे-धीरे एयरपोर्ट का इस्तेमाल भी सीमित होता चला गया।इसके बाद पताही एयरपोर्ट पर कभी-कभार हेलीकॉप्टर या विशेष विमान जैसी गतिविधियां ही देखने को मिलीं। आम यात्रियों के लिए यह जगह लंबे समय तक हवाई सफर की सुविधा से दूर रही।अब करीब चार दशक बाद एक बार फिर इस एयरपोर्ट को नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है।

सिर्फ रनवे नहीं, पूरी बदलेगी तस्वीर

पताही एयरपोर्ट को पुराने ढांचे के सहारे ही शुरू करने की योजना नहीं है। इसे आधुनिक जरूरतों के मुताबिक विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रस्तावित विकास में रनवे के सुधार, नए टर्मिनल भवन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।एयरपोर्ट के विकास की जिम्मेदारी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यानी AAI के तहत है। शुरुआती चरण में छोटे विमानों के संचालन पर जोर दिए जाने की योजना है। इसके साथ ही यहां पायलट ट्रेनिंग सेंटर विकसित करने की तैयारी भी चर्चा में है। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है तो पताही एयरपोर्ट सिर्फ यात्रियों के लिए उड़ान का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार से भी जुड़ सकता है।

UDAN से जुड़ने की उम्मीद, बढ़ेगी कनेक्टिविटी

पताही एयरपोर्ट के विकास को क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी से जोड़कर देखा जा रहा है। एयरपोर्ट को UDAN योजना के तहत विकसित करने की दिशा में भी काम हुआ है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि मुजफ्फरपुर से दूसरे प्रमुख शहरों तक हवाई सफर के विकल्प खुलें। फिलहाल उत्तर बिहार के लोगों को कई हवाई यात्राओं के लिए दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है। पताही में विमान सेवा शुरू होने से इस स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है।

मुजफ्फरपुर की लीची को भी मिल सकता है 'पंख'

पताही एयरपोर्ट की वापसी सिर्फ यात्रियों के लिए अच्छी खबर नहीं है। इसका असर मुजफ्फरपुर के कारोबार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।मुजफ्फरपुर देशभर में अपनी शाही लीची के लिए प्रसिद्ध है। जिले के किसान और कारोबारी लंबे समय से बेहतर परिवहन सुविधा की जरूरत महसूस करते रहे हैं। हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने पर लीची और दूसरे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने के विकल्प बढ़ सकते हैं।इसके अलावा उद्योग, व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र में कारोबारियों के आने-जाने को आसान बनाती है और इससे नए निवेश की संभावनाएं भी पैदा होती हैं।

उत्तर बिहार के कई जिलों को सीधा फायदा

पताही एयरपोर्ट के शुरू होने का फायदा सिर्फ मुजफ्फरपुर शहर तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। उत्तर बिहार के आसपास के जिलों के लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।व्यापार, शिक्षा, इलाज, नौकरी और अन्य जरूरी कामों के लिए पटना या दूसरे शहरों की यात्रा करने वाले लोगों के लिए हवाई विकल्प उपलब्ध होना समय की बड़ी बचत कर सकता है। यानी पताही एयरपोर्ट की नई शुरुआत को सिर्फ एक एयरपोर्ट परियोजना के तौर पर नहीं, बल्कि उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को गति देने वाली परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

7 सितंबर पर टिकी निगाहें

अब सबकी नजर 7 सितंबर पर है। इसी दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पताही एयरपोर्ट के नए निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम की तैयारियां तेज हैं और इसे भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है।शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य कितनी तेजी से आगे बढ़ता है और विमान सेवा कब तक शुरू होती है, यह आने वाला समय बताएगा। लेकिन इतना जरूर है कि लंबे समय से शांत पड़े पताही एयरपोर्ट को लेकर एक बार फिर उत्तर बिहार के लोगों के बीच उम्मीद जगी है। अगर योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में पताही एयरपोर्ट के रनवे पर फिर विमान दौड़ते नजर आ सकते हैं—और मुजफ्फरपुर से आसमान की ओर जाने वाला यह सफर एक बार फिर आम यात्रियों के लिए हकीकत बन सकता है।