Bihar News: बेटे की मौत की खबर नहीं सुन पाई मां, सदमे से तोड़ दी दम

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक हैरान कर देने वाला और हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक ही दिन में बेटे और मां दोनों की मौत हो गई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 13 Nov 2025 10:51:42 AM IST

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बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक हैरान कर देने वाला और हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक ही दिन में बेटे और मां दोनों की मौत हो गई। यह घटना शहर के अंडीगोला इलाके की है, जिसने पूरे मोहल्ले और स्थानीय समुदाय को शोक में डुबो दिया।


जानकारी के मुताबिक, शहर के प्रसिद्ध गल्ला व्यवसायी कन्हैया लाल सलामपुरिया के छोटे बेटे, 54 वर्षीय अनिल कुमार, बुधवार सुबह हार्ट अटैक का शिकार हो गए। परिजनों ने बताया कि सुबह 7:30 बजे अनिल कुमार को सीने में तेज दर्द हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी हो ही रही थी कि वे वहां ही दम तोड़ बैठे। अनिल का अंतिम संस्कार सिकंदरपुर स्थित मुक्तिधाम में किया गया।


परिवार के लिए दुख का पहाड़ यहीं नहीं रुका। अंतिम संस्कार से लौटते समय बेटे की मौत का सदमा सहन न कर पाई उनकी 78 वर्षीय मां, विमला देवी भी चंद घंटे बाद निधन हो गईं। परिवार के मुखिया कन्हैया लाल सलामपुरिया ने बताया कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा दुख था। एक ही दिन में बेटे और पत्नी दोनों का चले जाना अत्यंत पीड़ादायक और असहनीय है। उन्होंने कहा कि बेटे की अचानक मौत ने उनकी पत्नी को पूरी तरह टूट कर रख दिया था।


इस घटना ने अंडीगोला इलाके को शोक में डुबो दिया। स्थानीय लोग, मोहल्ले के निवासी और व्यापारी समाज के सदस्य बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। पूरा मोहल्ला इस दोहरी क्षति को भगवान की मर्जी मानते हुए परिवार को सांत्वना देने की कोशिश कर रहा है। परिवार के सदस्यों को सदमे से संभालने के लिए डॉक्टर बुलाकर इलाज भी कराया जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक मां और बेटे के गहरे प्रेम और लगाव की चर्चा हो रही है। परिवार में रिश्तेदारों का आना-जाना जारी है और पड़ोसी, मित्र और समाज के लोग परिवार को हिम्मत और ढांढ़स बंधा रहे हैं।


सदमा और मानसिक तनाव वृद्ध लोगों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे मामलों में परिवार और समुदाय का सहयोग महत्वपूर्ण होता है, ताकि शोक से जूझ रहे सदस्य अपने दुख को सहन कर सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। यह घटना केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक बड़ा सदमा और चेतावनी है कि अचानक स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक तनाव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।