मुजफ्फरपुर में 4 मौतों का रहस्य बरकरार, अपहरण मामले में प्रेमी गिरफ्तार, पुलिस के रडार पर पति

मुजफ्फरपुर में मां और तीन बच्चों की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने मृतका के प्रेमी को अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया है। पति को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, वहीं मौत की गुत्थी अब भी उलझी हुई है।

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Sun, 18 Jan 2026 06:37:20 PM IST

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पुलिस की अब तक की कार्रवाई - फ़ोटो social media

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। 12 जनवरी को लापता हुई ममता देवी और उनके तीन बच्चों का शव 15 जनवरी को बूढ़ी गंडक नदी से बरामद होने के बाद पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में पुलिस ने मृतका के प्रेमी अमोद को अपहरण के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं मृतका के पति कृष्ण मोहन को भी पूछताछ के लिए थाने पर बुलाया गया है।


अपहरण की एफआईआर और नदी में मिले शव

पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब ऑटो चालक कृष्ण मोहन ने 12 जनवरी को अपनी पत्नी और तीन बच्चों के अचानक लापता होने की प्राथमिकी अहियापुर थाने में दर्ज कराई। लेकिन तीन दिन बाद ही चंदवारा पुल के पास नदी से चारों के शव मिलने पर मामला दर्दनाक मोड़ ले लिया। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जब जांच शुरू की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।


प्रेम-प्रसंग और तस्वीरों का खुलासा

पुलिस की जांच में सामने आया है कि मृतका ममता का मीनापुर थाना क्षेत्र के मधुबनी निवासी अमोद नामक युवक के साथ पिछले एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अपहरण के आवेदन में दिए गए मोबाइल नंबरों की जांच से पता चला कि ममता और अमोद के बीच लगातार घंटों बातचीत होती थी। पुलिस को दोनों की साथ में तस्वीरें भी मिली हैं, जो उनके संबंधों की पुष्टि करती हैं। पूछताछ के दौरान प्रेमी अमोद ने स्वीकार किया कि ममता के लापता होने के अगले दिन उसने ममता की चचेरी भौजाई से करीब डेढ़ घंटे तक वीडियो कॉल पर बात की थी।


पति पर घरेलू हिंसा का आरोप और पुलिस का नोटिस

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पति कृष्ण मोहन अक्सर ममता के साथ मारपीट और घरेलू हिंसा करता था। पुलिस अब इस दृष्टिकोण से भी जांच कर रही है कि क्या इन मौतों के पीछे पति की प्रताड़ना या कोई गहरी साजिश तो नहीं है। इसी को लेकर कृष्ण मोहन को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया है।


हत्या या आत्महत्या? विसरा रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पुलिस इस कशमकश में है कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला है या फिर हत्या कर साक्ष्य मिटाने की साजिश। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के असली कारणों का खुलासा विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या प्रेमी ने शादी का झांसा देकर ममता को धोखा दिया, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया, या फिर उसे रास्ते से हटाने के लिए यह पूरी योजना बुनी गई थी। फिलहाल, प्रेमी जेल की सलाखों के पीछे है और पुलिस की तफ्तीश जारी है।