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मुजफ्फरपुर में बाल श्रम के खिलाफ बड़ा अभियान: 3 दिनों में 9 श्रमिक मुक्त

मुजफ्फरपुर में श्रम विभाग के विशेष अभियान के तहत 3 दिनों में 9 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। दोषी नियोजकों पर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

बिहार न्यूज
DM के निर्देश पर कार्रवाई
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर DM के निर्देश पर 17 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक श्रम अधीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में गठित धावा दल द्वारा बाल श्रम के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया। यह अभियान मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ सदर अनुमंडल के कांटी, मरवन, कुढ़नी और मीनापुर क्षेत्रों में संचालित किया गया।


अभियान के दौरान विभिन्न दुकानों, होटलों और प्रतिष्ठानों में जांच की गई, जिसमें कुल 9 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। सभी विमुक्त बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति, मुजफ्फरपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से निर्देशानुसार उन्हें बाल गृह में रखा गया है।


श्रम विभाग ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत बाल श्रमिकों को नियोजित करना पूर्णतः गैरकानूनी है। दोषी नियोजकों के खिलाफ संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कानून के तहत दोषियों पर ₹20,000 से ₹50,000 तक का जुर्माना और दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।


इसके अलावा, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के एम.सी. मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार (1996) मामले के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक बाल श्रमिक के लिए नियोजकों से ₹20,000 की अतिरिक्त राशि वसूल की जाएगी। यह राशि जिलाधिकारी के अधीन संचालित जिला बाल श्रमिक पुनर्वास सह कल्याण कोष में जमा होगी। राशि जमा नहीं करने पर संबंधित नियोजकों के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस या नीलामी वाद भी दायर किया जाएगा।


इस अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी पूजा कुमारी (मुसहरी), प्रकाश कुमार (कुढ़नी), रमेश रंजन प्रसाद (मरवन), सूर्यकांत कुमार (मीनापुर) सहित कई अधिकारी शामिल रहे। साथ ही विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी और स्थानीय थानों की पुलिस टीम ने भी सक्रिय सहयोग दिया। धावा दल द्वारा सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों में जांच के साथ-साथ नियोजकों से यह शपथ पत्र भी भरवाया गया कि वे किसी भी बाल श्रमिक को नियोजित नहीं करेंगे।


श्रम अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि यह धावा दल आगे भी नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह अभियान चलाएगा। मुजफ्फरपुर शहर के साथ-साथ सभी अनुमंडल और प्रखंड मुख्यालयों में भी यह अभियान जारी रहेगा और बाल श्रम कराने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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