Bihar Flood Alert: नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है. मुजफ्फरपुर जिला आपातकालीन संचालन केंद्र की ओर से 7 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे जारी दैनिक जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार, जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है. बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि गंडक और बूढ़ी गंडक का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है. इससे नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है.
कटौझा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही बागमती
रिपोर्ट के मुताबिक कटौझा में बागमती नदी का जलस्तर 55.15 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 55.00 मीटर है. यानी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. हालांकि फिलहाल जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
बूढ़ी गंडक का जलस्तर भी बढ़ने लगा
सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 49.16 मीटर रिकॉर्ड किया गया है. यह खतरे के निशान 52.53 मीटर से नीचे है, लेकिन यहां लगातार जलस्तर बढ़ रहा है. यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है.
रेवाघाट में गंडक नदी भी चढ़ाव पर
रेवाघाट में गंडक नदी का जलस्तर 53.63 मीटर मापा गया है. यहां खतरे का निशान 54.41 मीटर है. फिलहाल नदी खतरे के स्तर से नीचे बह रही है, लेकिन जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है.
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
जल निस्सरण प्रमंडल सह जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष, मुजफ्फरपुर के कनीय अभियंता लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है. साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.





