ब्रेकिंग
बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦बिहार विधान परिषद में बहाली में बड़ा खेल करके गये अवधेश बाबू! जांच में सनसनीखेज खुलासा, बड़े पैमाने पर रद्द हो सकती है नियुक्ति✦बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस✦बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल, पटना में 195 दारोगा का तबादला; शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण इलाके के 112 पुलिसकर्मी बदले, देखें पूरी लिस्ट..✦बिहार में 3 IPS अधिकारियों का तबादला, भानू प्रताप सिंह पुलिस मुख्यालय बुलाए गए, शैलेन्द्र सिंह बने खगड़िया SP✦बिहार विधान परिषद में बहाली में बड़ा खेल करके गये अवधेश बाबू! जांच में सनसनीखेज खुलासा, बड़े पैमाने पर रद्द हो सकती है नियुक्ति✦बिहार के रेल यात्रियों को राहत, पूर्व मध्य रेलवे ने 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया परिचालन, देखें पूरा शेड्यूल✦भ्रष्ट इंजीनियर पर SVU का शिकंजा: 5 ठिकानों पर छापेमारी में मिले 31.42 लाख कैश, करोड़ों की जमीन-फ्लैट; 1 करोड़ से अधिक बैंक बैलेंस

मुजफ्फरपुर: हंगामे के बाद 740 अस्पताल कर्मियों को हटाने के आदेश को सिविल सर्जन ने लिया वापस, अब 26 जुलाई तक करेंगे काम

MUZAFFARPUR: खबर मुजफ्फरपुर से आ रही है जहां 740 अस्पताल कर्मियों को हटाने के आदेश को सिविल सर्जन ने वापस ले लिया है। कर्मियों के हंगामे और लाठीचार्ज के बाद 740 कर्मियों की बहाली न

मुजफ्फरपुर: हंगामे के बाद 740 अस्पताल कर्मियों को हटाने के आदेश को सिविल सर्जन ने लिया वापस, अब 26 जुलाई तक करेंगे काम
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MUZAFFARPUR: खबर मुजफ्फरपुर से आ रही है जहां 740 अस्पताल कर्मियों को हटाने के आदेश को सिविल सर्जन ने वापस ले लिया है। कर्मियों के हंगामे और लाठीचार्ज के बाद 740 कर्मियों की बहाली निरस्त करने के आदेश को वापस लिया गया है। अब हटाए गये सभी कर्मी 26 जुलाई तक काम करेंगे। 


कोरोना को लेकर 740 पदों पर मानवबल की हुई बहाली को रद्द कर दिया गया था। डीएम प्रणव कुमार के आदेश पर सिविल सर्जन डा. एसके चौधरी ने नियुक्ति तिथि से नियोजन को रद्द किया था। तीन महीने तक के लिए इनकी बहाली हुई थी। जिसे रद्द किया गया था। इस आदेश के बाद से कोरोना टीकाकरण में सहयोग कर रहे मानवबलों में हड़कंप मचा हुआ था। कर्मियों के आंदोलन और लाठीचार्ज के बाद सिविल सर्जन ने अपना निर्णय बदलते हुए फिर से उन्हें काम पर रख लिया गया। हंगामा कर रहे लोगों की नौकरी अब फिर से बहाल कर दी गयी है। अब 26 जुलाई तक सभी कर्मी काम करेंगे।


गौरतलब है कि मानवबल की बहाली में सदर अस्पताल के डाटा ऑपरेटर धर्मेंन्द्र कुमार ने एएनएम पद की एक अभ्यर्थी से बहाली के नाम पर तीस हजार रुपये की मांग की थी। जिसके बाद बहाली में वसूली का यह ऑडियो तेजी से वायरल हो गया था। जिसके बाद ही यह कार्रवाई की गयी थी। सदर अस्पताल और पीएचसी के लिए हुई बहाली को रद्द कर दिया गया था। DDC के नेतृत्व में SDO पूर्वी एवं ADM ने वायरल ऑडियो की जांच की। जांच कमेटी ने डीएम को नियोजन में गड़बड़ी होने की जानकारी दी। जिसके बाद डीएम प्रणव कुमार ने सिविल सर्जन को नियोजन को रद्द करने का निर्देश दिया था। बहाली निरस्त होने के बाद कर्मियों ने जमकर हंगामा मचाया था। इस दौरान कर्मियों पर लाठीचार्ज की गयी थी। इनके आंदोलन के बाद सिविल सर्जन ने बहाली निरस्त करने के आदेश को वापस ले लिया।