1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 19, 2025, 7:48:04 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Land Mutation: मुजफ्फरपुर में दाखिल-खारिज के आवेदनों को लंबित रखने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बुधवार को अंचलवार समीक्षा के दौरान मुशहरी और कांटी अंचल में 1500 से अधिक आवेदनों के अनावश्यक रूप से लंबित रहने पर नाराजगी जताई है। कुछ आवेदन 75 दिनों से भी ज्यादा समय से अटके थे, जिसे DM ने अधिकारियों और कर्मचारियों की स्पष्ट लापरवाही माना।
इसके चलते मुशहरी के सर्किल ऑफिसर (CO) पर 1,02,000 रुपये और कांटी के CO पर 95,300 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस जुर्माने में दोनों अंचलों के राजस्व कर्मचारी और अन्य स्टाफ भी शामिल हैं। DM ने चेतावनी दी कि जुर्माना जमा न करने पर जून 2025 का वेतन रोका जाएगा और विभागीय कार्रवाई शुरू होगी। DM ने मुशहरी और कांटी के CO को लंबित आवेदनों का तत्काल निपटारा करने और कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही खराब प्रदर्शन के लिए मुरौल, सरैया, और बंदरा के CO से स्पष्टीकरण मांगा गया है। परिमार्जन पोर्टल की समीक्षा में पाया गया कि मुशहरी और कांटी में आवेदनों को बेवजह रिवर्ट या रिजेक्ट किया जा रहा है, जिसे DM ने गंभीरता से लिया। उन्होंने इन अंचलाधिकारियों से पूछा कि क्यों न उनके खिलाफ प्रपत्र-क गठित कर विभाग को भेजा जाए। यह कार्रवाई बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 के तहत समयबद्ध निपटारे के नियमों को लागू करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
DM ने सभी अंचलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि बिना उचित कारण के आवेदनों को रिजेक्ट या रिवर्ट न किया जाए। उन्होंने लेफ्ट आउट जमाबंदी में 10% की बढ़ोतरी लाने, सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज, भूमि मापी, लगान वसूली और अभियान बसेरा जैसे कार्यों में तेजी लाने का भी निर्देश दिया है। मुजफ्फरपुर में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सुचारु करने के लिए परिमार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और जमाबंदी रिकॉर्ड सुधार की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन लापरवाही के कारण कई रैयतों को परेशानी हो रही है। DM ने इस स्थिति को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि दोषी अधिकारियों पर निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है।