Love Marriage: मुस्लिम SI ने हिंदू टीचर को इश्क के जाल में फंसाकर की शादी, ससुराल पहुंचने के बाद सामने आई बड़ी सच्चाई; अब हो गया बड़ा कांड

Love Marriage: बिहार में एक इंटर-रिलिजन लव मैरिज अब पुलिस से लेकर महिला आयोग तक चर्चा का विषय बन चुकी है। यह मामला मुजफ्फरपुर की एक बीपीएससी चयनित शिक्षिका और सहरसा के एक पुलिस एसआई से जुड़े विवाद का है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 13 Nov 2025 01:18:36 PM IST

Love Marriage

बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Love Marriage: बिहार में एक इंटर-रिलिजन लव मैरिज अब पुलिस से लेकर महिला आयोग तक चर्चा का विषय बन चुकी है। यह मामला मुजफ्फरपुर की एक बीपीएससी चयनित शिक्षिका और सहरसा के एक पुलिस एसआई से जुड़े विवाद का है। दोनों ने तीन साल पहले समाज की दीवारें तोड़कर प्रेम विवाह किया था, पत्नी हिंदू और पति मुस्लिम। लेकिन अब वही रिश्ता मारपीट, धोखा और दूसरी शादी के आरोपों के बीच बुरी तरह उलझ गया है।


पीड़िता शिक्षिका के मुताबिक, दोनों के बीच करीब आठ साल तक लिव-इन रिलेशनशिप रहा और 2022 में उन्होंने कोर्ट मैरिज की थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, मगर 13 अगस्त 2025 को उन्हें बड़ा झटका लगा, जब उन्हें पता चला कि उनके पति ने दूसरी शादी कर ली है। जब उन्होंने पति से इस बारे में पूछा, तो उसने बेझिझक कहा- “हाँ, मैंने दूसरी शादी की है।”


इसके बाद संबंधों में तनाव और हिंसा शुरू हो गई। महिला का आरोप है कि पति ने न केवल शारीरिक प्रताड़ना दी, बल्कि गला दबाकर जान लेने की कोशिश भी की। उन्होंने बताया- “वो कहते थे कि तुम्हें मारवाने में मुझे एक मिनट नहीं लगेगा।”


शिक्षिका का यह भी कहना है कि शादी के बाद उन्हें कभी ससुराल नहीं ले जाया गया। 16 अगस्त को जब वह पहली बार सहरसा स्थित पति के घर पहुँचीं, तो वहाँ के परिजनों ने कहा- “अब तो दूसरी शादी हो गई है, तुम भी रहो, वो भी रहेगी।” यह सुनकर पीड़िता स्तब्ध रह गईं।


इसके बाद महिला ने 19 अगस्त को सहरसा महिला थाना, 20 अगस्त को मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधिकारी, और 16 सितंबर को आईजी कार्यालय में आवेदन दिया। न्याय की तलाश में अब वह बिहार राज्य महिला आयोग तक पहुंच चुकी हैं।


महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने बताया कि यह मामला अंतरधार्मिक विवाह से जुड़ा है, और आवेदिका ने पति पर मारपीट, प्रताड़ना और दूसरी शादी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा- “अभी चुनावी व्यस्तता है, इसलिए सुनवाई 8 दिसंबर को होगी। हमारी पहली प्राथमिकता काउंसलिंग के ज़रिए समाधान निकालने की है, ताकि अगर संभव हो तो दंपती फिर से साथ आ सकें।” इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर समाज में इंटर-रिलिजन शादी की चुनौतियों और उससे जुड़ी मानसिक, सामाजिक व कानूनी जटिलताओं को उजागर किया है। अब देखना यह होगा कि यह रिश्ता इश्क़ की जीत बनेगा या एक अधूरी मोहब्बत की कहानी बनकर रह जाएगा।