ब्रेकिंग
EO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरल

हाल-ए- बिहार यूनिवर्सिटी, स्टोर में रखे लाखों कॉपियां हुए बर्बाद, कॉपी नहीं मिलने पर छात्रों को दिये जा रहे औसत अंक

MUZAFFARPUR: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के स्टोर में रखीं दस लाख छात्रों की कॉपियां बर्बाद हो गयी है। देखभाल के अभाव में इन कॉपियों में दीमक लग गए हैं। विश्

हाल-ए- बिहार यूनिवर्सिटी, स्टोर में रखे लाखों कॉपियां हुए बर्बाद, कॉपी नहीं मिलने पर छात्रों को दिये जा रहे औसत अंक
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUZAFFARPUR: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के स्टोर में रखीं दस लाख छात्रों की कॉपियां बर्बाद हो गयी है। देखभाल के अभाव में इन कॉपियों में दीमक लग गए हैं। विश्वविद्यालय में छात्रों की कॉपियां पुराने परीक्षा भवन और कम्युनिटी हॉल में फेंकी हुई हैं। हर परीक्षा के बाद यहां कॉपियों को डंप कर दिया जाता है। विवि से जुड़े लोगों ने बताया कि अभी स्टोर में 25 से 30 लाख कॉपियां रखी होंगी। कॉपियों का अंबार सा लगा हुआ है जहां सांप भी निकल जाते हैं। स्नातक से लेकर पीजी तक की कॉपियां स्टोर में बेतरतीब तरीके से फेंकी गयी हैं। कॉपियों के फेंके जाने से छात्रों को भी नुकसान हो रहा है।


परीक्षा के बाद स्टोर में रखी गई कई सत्र की कॉपियां गायब हो गई हैं। दूसरी तरफ, कॉपियों के नहीं मिलने पर छात्रों को औसत अंक दिए जा रहे हैं। परीक्षा बोर्ड की बैठक में कई बार नंबर पर आपत्ति करने वाले छात्रों को औसत अंक देने का फैसला लिया जा चुका है। बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में नियम है कि तीन वर्ष तक छात्रों की कॉपियां सही से रखी जाएं, ताकि अगर किसी छात्र को अपने नंबर पर आपत्ति हो तो वह नंबर बढ़ाने लिए आवेदन कर सकता है। 


आवेदन के बाद कॉपियों में नंबर की फिर से गणना की जाती है। लेकिन, बिहार विवि में नई और पुरानी कॉपियां एक साथ फेंकी हुई हैं। अगर किसी की जल्दी कॉपी ढूंढ़नी हो तो वह दस दिन से पहले नहीं मिल सकती है। छात्रों को आवेदन करने के 10 से 15 दिन बाद कॉपियां अब उनके ईमेल पर भेजी जाती हैं। कॉपियों को देखने के लिए छात्रों को आरटीआई के तहत आवेदन करना होता है। उनकी कॉपियों को खोजने की प्रक्रिया बीआरए बिहार विवि में शुरू होती है।

टैग्स