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गवाही से बचना पड़ा भारी: मुजफ्फरपुर में दो रिटायर्ड दरोगा की गिरफ्तारी के आदेश, जानिए पूरा मामला

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक गंभीर पॉक्सो मामले में कोर्ट के समन की अनदेखी करना दो रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों को भारी पड़ गया। नाबालिग छात्रा की तस्करी से जुड़े इस केस में बार-बार बुलावे के बावजूद गवाही देने नहीं पहुंचने पर अदालत ने दोनों...

गवाही से बचना पड़ा भारी: मुजफ्फरपुर में दो रिटायर्ड दरोगा की गिरफ्तारी के आदेश, जानिए पूरा मामला
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी दो सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों को भारी पड़ गई। एक नाबालिग छात्रा को बेचे जाने के गंभीर मामले में बार-बार समन जारी होने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर विशेष पॉक्सो अदालत ने दोनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी का आदेश दे दिया है।


यह मामला अहियापुर थाना में 1 जुलाई 2021 को दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा है। पीड़ित पिता ने अपनी शिकायत में बताया था कि 26 जून 2021 को उनकी नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी पड़ोस की एक महिला, चिंता देवी के साथ बैंक जाने की बात कहकर घर से निकली थी। लेकिन वह वापस नहीं लौटी। शुरू में मामला गुमशुदगी का लगा, लेकिन पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया—छात्रा को कथित रूप से बेच दिया गया था।


इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जनवरी 2022 में चिंता देवी को गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और जून 2023 में दिलीप पासवान को भी हिरासत में लिया गया। दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और मामला विशेष पॉक्सो कोर्ट में विचाराधीन है।


सुनवाई के दौरान कोर्ट को इस केस के तत्कालीन जांच अधिकारियों की गवाही की आवश्यकता थी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस केस की जांच करने वाले दो रिटायर्ड दरोगा—मंगल सिंह और श्रीकांत सिंह—लगातार कोर्ट के समन की अनदेखी करते रहे। कई बार बुलाए जाने के बावजूद वे गवाही देने नहीं पहुंचे, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही थी।


इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए विशेष पॉक्सो कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने दोनों पूर्व अधिकारियों की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए हैं। मंगल सिंह की गिरफ्तारी के लिए बक्सर के एसपी को निर्देश दिया गया है, जबकि श्रीकांत सिंह की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पूर्वी चंपारण के एसपी को आदेशित किया गया है।


अदालत ने स्पष्ट किया है कि अब तक तीन गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन इन दोनों महत्वपूर्ण गवाहों के बयान लंबित हैं, जो केस की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 9 अप्रैल निर्धारित की है और उम्मीद जताई है कि तब तक दोनों को पेश किया जाएगा।