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Bihar Flood: लगातार बारिश से उफान पर बागमती नदी, कई जिलों के लिए खतरे की घंटी

Bihar Flood: नेपाल की बारिश से बागमती नदी उफनाई, मुजफ्फरपुर में बहे चचरी पुल। उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन हुआ अलर्ट।

Bihar Flood
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
4 मिनट

Bihar Flood: नेपाल में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने उत्तर बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। बागमती और इसकी सहायक नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। इस वजह से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और समस्तीपुर जैसे जिलों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। रविवार सुबह बागमती के जलस्तर में 2 से 2.5 फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार रात करीब 10 बजे मुजफ्फरपुर के अतरार घाट पर बना चचरी पुल पानी के तेज दबाव में बह गया, जिससे औराई प्रखंड का मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गया। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।


बागमती की दक्षिणी उपधारा में बढ़ते जल दबाव के कारण अतरार घाट का चचरी पुल, फिर से क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी एक हफ्ते पहले ही मरम्मत की गई थी। कटौझा में रविवार सुबह तक जलस्तर में 54 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि दोपहर तक इसमें 30 सेमी की कमी आई। चचरी पुल के बहने से स्थानीय लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसके अलावा कटरा-पहसौल-यजुआर मार्ग पर बकुची के पास बागमती पर बना पीपा पुल भी पानी के दबाव में कई हिस्सों में टूट गया, जिससे चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा। पुल की मरम्मत के बाद ही आवागमन बहाल हो सका।


यहाँ के स्थानीय निवासियों ने बाढ़ की बार-बार होने वाली समस्या पर गहरी नाराजगी जताई है। मो. शमी, मो. शाहिद, सत्यनारायण चौधरी और कौशल राम जैसे लोगों ने बताया कि हर साल बाढ़ के कारण चार महीने तक रोजगार का संकट पैदा हो जाता है। बागमती तटबंध के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच करीब 20,000 परिवार विस्थापित हुए हैं। जिनमें से 12,000 लोग यत्र-तत्र बस गए, लेकिन 8,000 की आबादी आज भी तटबंध के अंदर और बांध पर कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रही है। विस्थापितों का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अधिक रुपया खर्च करना पड़ता है।


इधर जल संसाधन विभाग और अंचल प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सीओ मधुमिता कुमारी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और तटबंधों की मरम्मत के लिए बांध पर बसे लोगों को खाली करने का निर्देश दिया जा चुका है। बागमती के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। नेपाल में लगातार बारिश और बिहार में नदियों के उफान से उत्तर बिहार के कई जिले हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं, जिससे हजारों लोग प्रभावित होते हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।