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Land registration record : खरमास में भी रिकॉर्डतोड़ रजिस्ट्री, एमवीआर बढ़ोतरी की आहट से गर्म हुआ बाजार; जानिए क्या रही संख्या

खरमास के बावजूद बिहार में जमीन रजिस्ट्री का बाजार रिकॉर्डतोड़ रहा है। एमवीआर बढ़ोतरी की आशंका के चलते लोग शुभ-अशुभ की परवाह किए बिना रजिस्ट्री करा रहे हैं, जिससे दफ्तरों में भारी भीड़ देखी जा रही है।

 Land registration record : खरमास में भी रिकॉर्डतोड़ रजिस्ट्री, एमवीआर बढ़ोतरी की आहट से गर्म हुआ बाजार; जानिए क्या रही संख्या
Tejpratap
Tejpratap
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Land registration record : खरमास के दौरान आमतौर पर सुस्त रहने वाला जमीन रजिस्ट्री बाजार इस बार पूरी तरह गर्म नजर आ रहा है। शुभ-अशुभ की परवाह किए बिना लोग बड़ी संख्या में जमीन की रजिस्ट्री करा रहे हैं। नये साल 2026 के शुरुआती तीन दिनों में ही 500 से अधिक जमीन के प्लॉटों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। हालात यह हैं कि रजिस्ट्री कार्यालयों में सुबह से शाम तक लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।


इस अप्रत्याशित भीड़ के पीछे सबसे बड़ा कारण जमीन की सरकारी दर यानी मिनिमम वैल्यू रजिस्टर (एमवीआर) में संभावित वृद्धि को माना जा रहा है। लोगों को आशंका है कि सरकार जल्द ही जमीन की दरों में इजाफा कर सकती है, जिससे रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप ड्यूटी में बढ़ोतरी होगी। इसी अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए लोग परंपरागत मान्यताओं को नजरअंदाज करते हुए खरमास में ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं।


रविवार और छुट्टियों में भी खुले रहेंगे दफ्तर

रजिस्ट्री कार्यालयों में बढ़ती भीड़ और राजस्व में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने आदेश जारी कर जनवरी 2026 में सभी रविवार और घोषित अवकाश (राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर) के दिन निबंधन कार्यालय खोलने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि इन दिनों कार्यालयों में सामान्य कार्यदिवसों की तरह ही काम होगा।


एआईजी राकेश कुमार ने बताया कि जन सुविधा और राजस्व हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च तक जितने भी रविवार पड़ेंगे, उन सभी दिनों में निबंधन कार्यालय खुले रहेंगे। विभाग ने सभी कर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में उपस्थित रहना अनिवार्य कर दिया है। छुट्टी के दिन काम करने के बदले कर्मचारियों को बारी-बारी से किसी अन्य कार्यदिवस में क्षतिपूर्ति अवकाश दिया जाएगा, ताकि निबंधन कार्य किसी भी दिन बाधित न हो।


कतारों में खड़े लोग, तेजी से हो रहा काम

रजिस्ट्री कार्यालयों में उमड़ी भीड़ के बावजूद कामकाज को सामान्य रखने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन टोकन और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को तेज किया गया है, ताकि लोगों को अधिक इंतजार न करना पड़े। इसके बावजूद कई जगहों पर सुबह से देर शाम तक लोगों की कतारें लगी रहती हैं।


जिलों में रजिस्ट्री के आंकड़े

रजिस्ट्री के आंकड़े बताते हैं कि विभिन्न कार्यालयों में भारी संख्या में जमीन के सौदे दर्ज किए गए हैं।

  • मुजफ्फरपुर जिला कार्यालय : 210

  • पारू मुफस्सिल कार्यालय : 90

  • सकरा मुफस्सिल कार्यालय : 56

  • कटरा मुफस्सिल कार्यालय : 75

  • मोतीपुर मुफस्सिल कार्यालय : 68

इन आंकड़ों से साफ है कि ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में जमीन की खरीद-फरोख्त में जबरदस्त तेजी आई है।


आगे भी जारी रह सकती है तेजी

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एमवीआर में बढ़ोतरी को लेकर आधिकारिक घोषणा होती है, तो उसके पहले तक रजिस्ट्री कराने की यह होड़ और तेज हो सकती है। सरकार के लिए यह स्थिति राजस्व बढ़ाने वाली है, वहीं आम लोगों के लिए यह समय कम खर्च में जमीन रजिस्ट्री कराने का अवसर बन गया है।


कुल मिलाकर, इस बार खरमास ने जमीन बाजार की रफ्तार को थामने के बजाय और तेज कर दिया है। सरकारी फैसलों और लोगों की आशंकाओं ने मिलकर रजिस्ट्री बाजार को ऐसा उछाल दिया है, जो पिछले कई वर्षों में देखने को नहीं मिला।