ब्रेकिंग
Patna Food Safety Raid: पिस्ता हाउस-पाइरेट्स ऑफ ग्रिल सहित कई खाद्य प्रतिष्ठानों में रेड, एक्सपायरी मसाले और खाद्य सामग्री जब्त✦बुखार छुड़ाने वाले बयान पर नीरज कुमार पर भड़के पीके, कहा..ज्यादा बोलेंगे तो सब राज खोल देंगे✦‘हमें पता है कि तिलचट्टों ओर झींगुरों से कैसे निपटना है’, CJP के प्रदर्शन पर बोले जीतन राम मांझी✦बिहार में आधा दर्जन IPS अधिकारियों का तबादला, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे रत्न संजय को मिली अहम जिम्मेवारी✦दिल्ली में CJP का कल फिर जंतर-मंतर कूच, छात्रों ने की भूख हड़ताल की घोषणा✦Patna Food Safety Raid: पिस्ता हाउस-पाइरेट्स ऑफ ग्रिल सहित कई खाद्य प्रतिष्ठानों में रेड, एक्सपायरी मसाले और खाद्य सामग्री जब्त✦बुखार छुड़ाने वाले बयान पर नीरज कुमार पर भड़के पीके, कहा..ज्यादा बोलेंगे तो सब राज खोल देंगे✦‘हमें पता है कि तिलचट्टों ओर झींगुरों से कैसे निपटना है’, CJP के प्रदर्शन पर बोले जीतन राम मांझी✦बिहार में आधा दर्जन IPS अधिकारियों का तबादला, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे रत्न संजय को मिली अहम जिम्मेवारी✦दिल्ली में CJP का कल फिर जंतर-मंतर कूच, छात्रों ने की भूख हड़ताल की घोषणा

एईएस से बिहार में हुई पहली मौत, एसकेएमसीएच में भर्ती था बच्चा

MUZAFFARPUR: बिहार में कोरोना और बर्ड फ्लू के बाद एईएस का कहर शुरू हो या है. मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में भर्ती एक बच्चे की मौत इलाज के दौरान हो गई. यह बिहार में इस साल की पह

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

MUZAFFARPUR:  बिहार में कोरोना और बर्ड फ्लू के बाद एईएस का कहर शुरू हो या है. मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में भर्ती एक बच्चे की मौत इलाज के दौरान हो गई. यह बिहार में इस साल की पहली मौत है. 

तीन साल का था मासूम

एसकेएमसीएच के डॉ. गोपाल शंकर सहनी ने बताया कि मृत बच्चे की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है. उसकी स्थिति नाजुक थी. उसको वेंटिलेटर पर रखा गया था. उसका ग्लूकोज लेवल 30 से भी कम हो गया था. बच्चा सकरा के बाड़ा बुजुर्ग गांव के मुन्ना राम का बेटा था. 

पिछले साल 100 से अधिक बच्चों की हुई थ मौत

बता दें कि इस बीमारी के कारण बिहार के 100 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी. सबसे अधिक मौत मुजफ्फरपुर में हुई थी. इसके बाद सरकार ने बच्चों के परिजनों के लिए आवास मुआवजा और बच्चों को संतुलित आहार देने की बातें की थी. केंद्र सरकार ने भी बच्चों को लेकर एक हॉस्पिटल बनाने का दावा किया था. दावों पर कितना अमल हुआ वह तो अलग बात है. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को अर्लट रहने की जरूरत हैं. क्योंकि पिछले साल विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई थी.