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Bihar latest news : मुजफ्फरपुर में प्रतियोगी छात्रा ने ट्रेन के आगे लगाई छलांग, दारोगा परीक्षा से पहले उठाया दर्दनाक कदम

मुजफ्फरपुर के खबड़ा गुमटी पर शनिवार देर शाम प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा सानया कुमारी ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। दारोगा परीक्षा से पहले हुई इस घटना से इलाके में शोक की लहर है।

Bihar latest news : मुजफ्फरपुर में प्रतियोगी छात्रा ने  ट्रेन के आगे लगाई छलांग, दारोगा परीक्षा से पहले उठाया दर्दनाक कदम
Tejpratap
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Bihar latest news : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से शनिवार देर शाम एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। खबड़ा गुमटी के पास रेलवे ट्रैक पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक 20 वर्षीय छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से न केवल छात्रा का परिवार बल्कि पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है।


मृत छात्रा की पहचान वैशाली जिले के बलिगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत गोविंदपुर बेला गांव निवासी सानया कुमारी के रूप में हुई है। सानया रविवार को होने वाली दारोगा भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाली थी। बताया जा रहा है कि वह शनिवार की शाम कोचिंग से पढ़ाई कर अपने डेरा लौट रही थी। इसी दौरान खबड़ा गुमटी के पास उसने अपनी साइकिल खड़ी की और जैसे ही ट्रेन आई, वह रेलवे ट्रैक पर चली गई। घटना इतनी अचानक थी कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था।


घटना की सूचना मिलते ही पहले जीआरपी (रेलवे पुलिस) की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, घटनास्थल को आउटर सिग्नल के बाहर का क्षेत्र बताते हुए मामले की जानकारी स्थानीय काजी मोहम्मदपुर थाना को दी गई। इसके बाद काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया।


मौके पर पहुंचे मृतका के चाचा मुकेश सिंह ने पुलिस को बताया कि सानया तीन बहनों में मझली थी। परिवार ने हाल ही में बड़ी बहन की शादी की थी, जो करीब डेढ़ महीने पहले संपन्न हुई थी। सानया अपनी छोटी बहन के साथ खबड़ा इलाके में डेरा लेकर रह रही थी ताकि पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सके। छोटी बहन कॉलेज की छात्रा है और दोनों बहनें एक-दूसरे का सहारा बनकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं।


थानाध्यक्ष नवलेश कुमार आजाद ने बताया कि घटनास्थल से छात्रा का मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसका मोबाइल डेरा पर था या कहीं और। पुलिस अब डेरा की भी जांच कर रही है और छात्रा के मोबाइल कॉल डिटेल्स व सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी मानसिक दबाव, परीक्षा के तनाव या किसी अन्य कारण से परेशान थी या नहीं।


पुलिस के अनुसार, परिजनों ने शुरुआत में पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। वे गहरे सदमे में थे और भावनात्मक रूप से टूट चुके थे। हालांकि, पुलिस द्वारा समझाने-बुझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।


छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। साथ रहकर पढ़ाई कर रही छोटी बहन का रो-रोकर बुरा हाल था और वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी। पिता दीपक कुमार सिंह, जो पेशे से किसान हैं, अपनी बेटी की असमय मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं। गांव और रिश्तेदारों में भी शोक की लहर दौड़ गई है।


पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सानया किसी परीक्षा संबंधी दबाव में थी या उसके जीवन में कोई और समस्या चल रही थी। थानाध्यक्ष नवलेश कुमार आजाद ने बताया कि स्थिति सामान्य होने पर छोटी बहन से छात्रा की दिनचर्या, दोस्तों और जीवनशैली के बारे में विस्तृत जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही उसके कोचिंग, मित्रों और अन्य संपर्कों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों का सही-सही पता लगाया जा सके।


यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव की ओर इशारा करती है। लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा, असफलता का डर और सामाजिक अपेक्षाएं कई बार छात्रों को अंदर से तोड़ देती हैं। ऐसे में परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी उतना ही ध्यान दें, जितना उनकी पढ़ाई और सफलता पर।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सानया कुमारी ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।