Revenue Department News: मुजफ्फरपुर के बोचहां अंचल में राजस्व कार्यों में कथित लापरवाही और अनियमितता को लेकर जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारी जितेन्द्र कुमार महतो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. उनके कार्यकाल में किए गए दाखिल-खारिज और राजस्व से जुड़े अन्य कार्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है. साथ ही एक दाखिल-खारिज मामले में आपत्ति और न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद स्वीकृति देने के आरोप में राजस्व अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है और अगले आदेश तक उनके वेतन की निकासी पर रोक लगा दी गई है.
दरअसल, 25 अगस्त 2026 को अपर समाहर्ता, मुजफ्फरपुर क्षेत्र भ्रमण पर थे. इस दौरान बोचहां अंचल के राजस्व अधिकारी जितेन्द्र कुमार महतो के खिलाफ जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने दाखिल-खारिज समेत अन्य राजस्व कार्यों में अनियमितता को लेकर गंभीर शिकायतें की थीं. शिकायतों की गंभीरता और आम जनता में व्याप्त असंतोष को देखते हुए जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराने का निर्णय लिया.
जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय टीम
राजस्व अधिकारी के कार्यकाल में किए गए दाखिल-खारिज और राजस्व से जुड़े अन्य कार्यों की सम्यक जांच और समीक्षा के लिए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया है. टीम में अपर समाहर्ता, विभागीय जांच, मुजफ्फरपुर, अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी और भूमि सुधार उप समाहर्ता, मुजफ्फरपुर पूर्वी को शामिल किया गया है.
जिलाधिकारी ने जांच दल को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की जांच और समीक्षा कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं. बोचहां के अंचल अधिकारी को जांच दल को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
आपत्ति के बावजूद दाखिल-खारिज की स्वीकृति देने का आरोप
जिलाधिकारी के अनुसार, झपहां मौजा में 15 डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज से जुड़े एक मामले में एक व्यक्ति की ओर से ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराई गई थी. इसी जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में भी लंबित था. इसके बावजूद राजस्व अधिकारी ने दाखिल-खारिज वाद को स्वीकृति दे दी.
इस मामले में जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारी से जवाब मांगा है कि ऑनलाइन आपत्ति दर्ज होने और मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद दाखिल-खारिज की स्वीकृति किस आधार पर दी गई. राजस्व अधिकारी को पत्र प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है.
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी विभागीय कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में राजस्व अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए विभाग को प्रतिवेदन भेजा जाएगा.
इसके साथ ही अगले आदेश तक जितेन्द्र कुमार महतो के वेतन की निकासी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.





