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BIHAR NEWS : आम ज्यादा कीमती या इंसान की जान? दर्द से कराहते रहे पति-पत्नी, सड़क पर मचा आम लूटने का खेल; एक की गई जान

मुजफ्फरपुर में सड़क हादसे के बाद इंसानियत शर्मसार हो गई। घायल दंपति मदद की आस में तड़पते रहे, लेकिन लोग सड़क पर बिखरे आम लूटने में व्यस्त रहे। इलाज के दौरान कारोबारी अजय पासवान की मौत हो गई। वायरल वीडियो ने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

BIHAR NEWS : आम ज्यादा कीमती या इंसान की जान? दर्द से कराहते रहे पति-पत्नी, सड़क पर मचा आम लूटने का खेल; एक की गई जान
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

BIHAR NEWS : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गायघाट थाना क्षेत्र में आम से लदी एक पिकअप वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद घायल दंपति की मदद करने के बजाय बड़ी संख्या में लोग सड़क पर बिखरे आमों को बटोरने में लग गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल कारोबारी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं।


जानकारी के अनुसार, मधुबनी जिले के निर्मली थाना क्षेत्र के रहने वाले 40 वर्षीय अजय पासवान अपनी पत्नी संतरा देवी के साथ पश्चिम बंगाल से आम लेकर मुजफ्फरपुर की ओर आ रहे थे। दोनों फल व्यवसाय से जुड़े हुए थे और आम की खेप लेकर स्थानीय बाजार में पहुंचने वाले थे। इसी दौरान गायघाट थाना क्षेत्र के हनुमान नगर चौक के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर उनकी पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।


दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार अजय पासवान तथा उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पिकअप में लदे सैकड़ों किलो आम सड़क पर बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे, लेकिन अधिकांश लोगों का ध्यान घायलों की मदद करने के बजाय सड़क पर बिखरे आमों को समेटने पर था।


बताया जा रहा है कि महिला और पुरुष दोनों बड़ी संख्या में आम उठाकर अपने साथ ले जाते दिखाई दिए। इस दौरान घायल पति-पत्नी वाहन के अंदर दर्द से कराहते रहे, लेकिन उन्हें तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए बहुत कम लोग आगे आए। स्थानीय लोगों के इस व्यवहार ने सभी को हैरान कर दिया है।


कुछ देर बाद घटना की सूचना मिलने पर गायघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने अजय पासवान की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका इलाज शुरू किया, लेकिन चोटें ज्यादा होने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं उनकी पत्नी संतरा देवी का उपचार जारी है और उनकी हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया था। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन अजय पासवान को बचाया नहीं जा सका। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दुर्घटना के बाद सड़क पर बड़ी मात्रा में आम बिखरे पड़े हैं और लोग उन्हें उठाने में व्यस्त हैं। वहीं घायल दंपति की ओर बहुत कम लोग ध्यान देते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इसे इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना बताया है।


यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि समाज की बदलती संवेदनाओं का भी आईना बन गई है। जब किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सबसे पहले मदद की जरूरत होती है, तब यदि लोग राहत पहुंचाने के बजाय सामान लूटने में लग जाएं, तो यह सामाजिक मूल्यों और मानवीय जिम्मेदारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। मुजफ्फरपुर की यह घटना लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि आखिर संकट की घड़ी में हमारी प्राथमिकता क्या होनी चाहिए—किसी की जान बचाना या व्यक्तिगत लाभ हासिल करना।