BIHAR: बिहार के मुंगेर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब फाइल दबाकर बैठने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। अगर कोई भी अधिकारी एक महीने से अधिक समय तक किसी फाइल को लंबित रखता है, तो उस पर सीधे एक्शन लिया जाएगा।
रविवार को तारापुर और असरगंज प्रखंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं की सौगात देने के साथ-साथ शासन-प्रशासन की कार्यशैली में बदलाव का संकेत भी दिया। उन्होंने घोषणा की कि अब हर पंचायत में महीने में दो दिन विशेष कैंप लगाया जाएगा, जहां लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।
तारापुर, जो कि मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र भी है, वहां पहली बार बतौर सीएम पहुंचे सम्राट चौधरी ने भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें इस इलाके से बहुत प्यार मिला है। उन्होंने कहा कि पहली बार विधायक बनने के साथ ही मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है।
सीएम ने अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने उन्हें बिहार की जिम्मेदारी सौंपी है और अब उनका लक्ष्य राज्य को तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बिहार को एक विकसित राज्य बनाना है और इसके लिए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि ब्लॉक और अंचल स्तर पर कामकाज में अक्सर गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रही हैं। इसे देखते हुए अब मुख्यमंत्री कार्यालय खुद ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर की मॉनिटरिंग करेगा। इससे आम लोगों की समस्याओं का समाधान तेज होगा और जवाबदेही भी तय होगी।
उन्होंने कहा कि ‘सहयोग कार्यक्रम’ के तहत पूरे प्रदेश में पंचायत स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। हर महीने दो दिन पंचायत में अधिकारी मौजूद रहेंगे और वहीं समस्याओं का निपटारा किया जाएगा।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने विकास के विजन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान बुद्ध ने दुनिया को शांति का संदेश दिया, उसी तरह बिहार को भी प्रगति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम हुआ है, लेकिन अब इसे और तेज गति से आगे बढ़ाने की जरूरत है।



