Hindi News / bihar / munger-news / मुंगेर में सेप्टिक टैंक में उतरे 5 मजदूर बेहोश, एक की मौत, जहरीली...

मुंगेर में सेप्टिक टैंक में उतरे 5 मजदूर बेहोश, एक की मौत, जहरीली गैस बनी हादसे की वजह

मुंगेर के बरियारपुर थाना क्षेत्र के नदिया गांव में सेप्टिक टैंक की सेंटरिंग खोलते समय जहरीली गैस से 5 मजदूर बेहोश हो गए। एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन की हालत गंभीर है। हादसा बंद टैंक में जहरीली गैस बनने के कारण हुआ।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 31, 2025, 8:19:30 PM

bihar

परिजनों में मचा कोहराम - फ़ोटो REPORTER

MUNGER: मुंगेर मे नवनिर्मित सेफ्टिक टैंक के सेंटरिंग को खोलने के लिए टैंक में उतरे पांच मजदूर अचानक बेहोश हो गये। आनन-फानन में सभी मजदूरों को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


घटना मुंगेर जिला के बरियारपुर थाना क्षेत्र के नदिया गांव का हैं। जहां रामस्वरूप मंडल के घर में नए सेप्टिक टैंक का निर्माण दो महीने पहले हुआ था और नवनिर्मित सेप्टिक टैंक के छत की सेंटरिंग खोलना था। जिसके लिए 6 मजदूरों को बुलाया गया था लेकिन जब टैंक का ढक्कन खोला गया और एक मजदूर जैसे ही टैंक में नीचे उतरा वैसे ही वो बेहोश होकर वहीं टैंक में गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए दूसरा मजदूर उतरा तो वो भी बेहोश हो गया। 


इसी तरह एक दूसरे को बचाने के लिए सेप्टिक टैंक में पांच मजदूर उतरे और सभी बेहोश हो गये जिसे देख छठा मजदूर सैप्टिक टैंक के छत की एक तरफ के भागकर आया और उसके बाद सभी को रस्सी से एक-एक कर बाहर निकाला गया। मजदूर के शोर मचाने पर वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों की मदद से तत्काल पांचों मजदूरों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से सभी को बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ केंद्र भेज दिया गया।


 प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद सभी को सदर अस्पताल रेफर किया गया। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने एक मजदूर राजेश को मृत घोषित कर दिया। सदर अस्पताल में तीन अन्य मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है। जबकि एक मजदूर की हालत अभी ठीक है। प्रत्यक्षदर्शियों और मजदूरों ने बताया कि टैंक बंद होने के कारण उसमें जहरीला गैस बन गया था, जिस वजह से जैस-जैसे मजदूर टैंक में उतरते गये वैसे-वैसे बेहोश होकर गिरने लगे। जिसके बाद सैप्टिक टैंक का एक तरफ का छत तोड़ सभी को रस्सी के सहारे बाहर निकाला गया। वहीं डॉक्टर रौशन ने बताया कि टैंक में जहरीली गैस के बन जाने के बाद सभी बेहोश होते चले गए । जिसमें से एक मजदूर राजेश की मौत हो गई है जबकि अन्य का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।

मुंगेर से इम्तियाज खान की रिपोर्ट