MUNGER: बिहार के मुंगेर स्थित ऐतिहासिक मां चंडिका स्थान मंदिर में बाढ़ का पानी उतरने के बाद परिसर और गर्भगृह की सफाई पूरी कर ली गई है। शारदीय नवरात्र में श्रद्धालु मां के दर्शन-पूजन के साथ गंगाजल अर्पित कर सकेंगे। भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, सीसीटीवी और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद ऐतिहासिक चंडिका स्थान मंदिर परिसर और गर्भगृह की सफाई पूरी कर ली गई है। अब शारदीय नवरात्र में श्रद्धालु मां चंडिका के दर्शन-पूजन के साथ उन्हें गंगाजल भी अर्पित कर सकेंगे। ऐसी मान्यता है कि देश के 52 शक्तिपीठों में शामिल मुंगेर के इस पवित्र शक्तिपीठ में मां सती का बायां नेत्र गिरा था। हर साल शारदीय नवरात्र की पहली पूजा से लेकर नौवीं पूजा तक हजारों श्रद्धालु कष्टहरणी गंगा घाट से गंगाजल भरकर करीब तीन किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए मां चंडिका के दरबार पहुंचते हैं और माता को गंगाजल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
गंगा की बाढ़ ने मंदिर परिसर और गर्भगृह तक को अपनी चपेट में ले लिया था। ऐसे में नवरात्र पर मां को जल अर्पित करने को लेकर श्रद्धालुओं के मन में चिंता थी। लेकिन महालय से पहले युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाकर मंदिर को पूजा के लिए तैयार कर दिया गया है। अब नवरात्र में मां के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
गंगा के बाढ़ का पानी उतरते ही मां चंडिका के दरबार की रौनक लौट आई है। जिस मंदिर परिसर और गर्भगृह में कुछ दिन पहले तक बाढ़ का पानी भरा था, वहां अब साफ-सफाई के बाद पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चंडिका स्थान न्यास समिति और जिला प्रशासन की टीमों ने दिन-रात मेहनत कर मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया है। मुंगेर के चंडिका स्थान में नवरात्र के दौरान गंगाजल अर्पित करने की विशेष परंपरा है।
पहली पूजा से लेकर नौवीं पूजा तक हजारों श्रद्धालु कष्टहरणी गंगा घाट पहुंचते हैं। वहां से गंगाजल लेकर करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर मां चंडिका के दरबार में पहुंचते हैं और माता को जल अर्पित करते हैं।इस बार बाढ़ के कारण यह परंपरा प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन मंदिर की सफाई पूरी होने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है। भक्त अब मां के दर्शन के साथ गंगाजल अर्पित कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए महिला और पुरुषों के अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस के जवानों के साथ न्यास समिति के करीब 200 वॉलंटियर भी व्यवस्था संभालेंगे। सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर पर नजर रखी जाएगी।
मंदिर के मुख्य पुजारी नंदन बाबा और न्यास समिति के सचिव सौरव निधि के अनुसार, सुबह तीन बजे मंदिर का पट खोला जाएगा। विशेष आरती के बाद सुबह चार बजे से आम श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। बाढ़ के पानी से घिरे मां के दरबार में अब नवरात्र की तैयारियां पूरी हैं। श्रद्धालुओं को इंतजार है मां के दर्शन का और गंगा मैया का पवित्र जल अर्पित कर अपनी आस्था प्रकट करने का।





