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8 घंटे तक खून लेकर भटकता रहा पति, अस्पताल में तड़पती रही प्रेग्नेंट महिला... लापरवाही ने ली जान

Bihar Health News: बिहार के मोतिहारी सदर अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पति ने डॉक्टरों और नर्सों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पत्नी की जान बचाने के लिए वह करीब आठ घंटे तक खून लेकर...

8 घंटे तक खून लेकर भटकता रहा पति, अस्पताल में तड़पती रही प्रेग्नेंट महिला... लापरवाही ने ली जान
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Health News: मोतिहारी सदर अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है. मृतका के पति ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नगर थाना में आवेदन दिया है. पति का आरोप है कि पत्नी की हालत लगातार बिगड़ रही थी और उसे खून चढ़ाने की जरूरत थी. वह करीब आठ घंटे तक खून का इंतजाम करने के बाद अस्पतालकर्मियों से इलाज और रक्त चढ़ाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन समय पर समुचित इलाज नहीं मिला. आखिरकार उसकी पत्नी की मौत हो गई.


मृतका की पहचान संग्रामपुर थाना क्षेत्र के केआर मठिया गांव निवासी अजय राम की पत्नी खुशबू कुमारी के रूप में हुई है. अजय राम के अनुसार, 30 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:10 बजे उन्होंने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया था. उसी दिन शाम करीब पांच बजे डॉ. प्रीति गुप्ता की देखरेख में ऑपरेशन किया गया, जिससे जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ. ऑपरेशन के बाद जच्चा और दोनों नवजात को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया.


ऑपरेशन के बाद बिगड़ने लगी महिला की हालत

पति ने अपने आवेदन में बताया है कि ऑपरेशन के बाद खुशबू कुमारी की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई. उन्होंने कई बार डॉक्टरों और नर्सों से बेहतर इलाज करने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया. 31 अक्टूबर की सुबह करीब पांच बजे उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी को तत्काल खून चढ़ाने की जरूरत है.


इसके बाद अजय राम अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सुबह करीब छह बजे तक खून का इंतजाम किया. उनका आरोप है कि खून उपलब्ध होने के बाद भी पत्नी को समय पर रक्त चढ़ाने और बेहतर इलाज के लिए उन्हें अस्पतालकर्मियों के सामने बार-बार गुहार लगानी पड़ी.


सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगाता रहा गुहार

अजय राम का आरोप है कि सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक वह लगातार डॉक्टरों और नर्सों से पत्नी को खून चढ़ाने की मांग करते रहे. डॉ. प्रीति गुप्ता को बुलाने के लिए कई बार फोन भी कराया गया, लेकिन चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी टालमटोल करते रहे. पति ने अपने आवेदन में अस्पतालकर्मियों पर पैसे मांगने का आरोप भी लगाया है.


दोपहर 2:15 बजे तोड़ दिया दम

पति के अनुसार, करीब आठ घंटे तक इलाज और खून चढ़ाने के लिए दौड़ने के बावजूद पत्नी की जान नहीं बच सकी. 31 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:15 बजे खुशबू कुमारी की मौत हो गई. पत्नी की मौत के बाद अजय राम ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज में हुई कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं.


नगर थाना में दिया आवेदन, जांच और कार्रवाई की मांग

इस मामले में अजय राम ने तीन नवंबर को नगर थाना में लिखित आवेदन देकर संबंधित डॉक्टरों और नर्सों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है.


फिलहाल इस मामले में डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है.