BIHAR NEWS : मोतिहारी जिले में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। सुगौली थाना क्षेत्र के छगराहा स्थित वाटर पार्क के पास सिंह पेट्रोल पंप के पीछे निर्माणाधीन विवाह भवन में काम कर रहे एक मजदूर की ऊँचाई से गिरने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। घटना ने न केवल मृतक के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक की पहचान पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र के अमवा मन बैरागी टोला निवासी स्वर्गीय चौधूर राउत के पुत्र राजदेव राउत के रूप में हुई है। बताया जाता है कि राजदेव रोज़ की तरह शुक्रवार की सुबह भी मजदूरी के लिए उक्त निर्माण स्थल पर पहुँचा था। वह लंबे समय से मजदूर के रूप में काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। परिवार के लिए रोज़ी-रोटी की जद्दोजहद ही उसकी जीवनशैली थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम के दौरान राजदेव ऊँचाई पर चढ़कर निर्माण कार्य कर रहा था। अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे आ गिरा। गिरते ही उसकी हालत बिगड़ गई और मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने उसे उठाकर तत्काल प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, उसकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना तुरंत सुगौली थाना पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया।
हादसे की खबर मिलते ही मृतक राजदेव राउत के परिजन घटनास्थल पर पहुँच गए। परिवारजनों को देखते ही माहौल और अधिक गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोग उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन घर के कमाऊ बेटे की असमय मौत से उनका दर्द कम होना असंभव था। ग्रामीणों ने बताया कि राजदेव बेहद मेहनती और सरल स्वभाव का युवक था। उसकी मृत्यु से न केवल परिवार का सहारा छिन गया, बल्कि गाँव में भी शोक का वातावरण है।
थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। अभी मृतक के परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही आवेदन मिलेगा, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के इंतजामों को लेकर पूछताछ की जाएगी।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मजदूर वर्ग रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर ऊँचाई पर और खतरनाक परिस्थितियों में काम करता है। इसके बावजूद निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं होते। मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराई जातीं। यही वजह है कि अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं और गरीब मजदूर अपनी जान गंवाते हैं।
हादसे के बाद पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं कि मजदूर वर्ग की जिंदगी कितनी कठिनाई भरी होती है। परिवार की जिम्मेदारियाँ ढोते हुए वे हर दिन खतरों से जूझते हैं। लेकिन उनकी सुरक्षा और जीवन की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं दिखता। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और निर्माण कार्य करवा रही एजेंसी पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करवाना अनिवार्य किया जाए।






