Bihar Police : बिहार पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा पुलिसकर्मियों को आम जनता के साथ बेहतर व्यवहार करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद पूर्वी चंपारण जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरसिद्धि थाना क्षेत्र में एक फल व्यवसायी और उसके बेटे के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी वर्दी और सादे कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं, जो दो लोगों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, घटना हरसिद्धि बाजार स्थित जय माता दी फ्रूट्स दुकान की बताई जा रही है। पीड़ित फल व्यवसायी चंद्रिका साह का आरोप है कि सोमवार सुबह उनके बेटे रूपेश कुमार सिंह दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान एक पुलिस अधिकारी दुकान पर पहुंचे और आम, सेब तथा नारियल पानी खरीदा। सामान की कुल कीमत करीब 700 रुपये हुई।
व्यवसायी का आरोप है कि जब पैसे की मांग की गई तो संबंधित अधिकारी नाराज हो गए और कथित तौर पर अपशब्द कहने लगे। आरोप है कि उन्होंने पूरी रकम का भुगतान नहीं किया और जाते-जाते धमकी भी दी। पीड़ित के अनुसार, अधिकारी ने अलग-अलग किस्तों में केवल 290 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए।
चंद्रिका साह का कहना है कि अगले दिन रात करीब आठ बजे वही अधिकारी कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उनकी दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि आते ही उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और पिता-पुत्र को थाने चलने की बात कहते हुए मारपीट करने लगे। व्यवसायी ने दावा किया कि उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उनके बेटे को भी पीटा गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि रूपेश के पैर का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था, लेकिन मारपीट के दौरान उसी जगह पर चोट पहुंचाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी दोनों को जबरन वाहन में बैठाकर थाने ले जाना चाहते थे। विरोध करने पर कथित तौर पर और अभद्र व्यवहार किया गया।
घटना के दौरान आसपास के दुकानदारों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी वहां से भगा दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी घटना आसपास लगी सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना का वीडियो बना रहे कुछ लोगों के मोबाइल फोन भी छीन लिए गए। इस घटना के बाद परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा है।
उधर, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग भी हरकत में आ गया है। पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच सदर एसडीपीओ को सौंपी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।





