Bihar Education News: मोतिहारी का जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय व अफसरों के विवादों से गहरा नाता रहा है. विभाग के अधिकारियों पर तरह के आरोप लगते रहे हैं. शिक्षकों को प्रताड़ित करने से लेकर विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार की खबरें लगातार सामने आती हैं. इसी कड़ी में एक और विवाद सामने आ गया है. अब एक शिक्षक ने मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दायर करने के लिए कोर्ट में कंप्लेन किया है.
पूर्वी चंपारण के छौड़ादानो प्रखंड के अमवा टोला नरकटिया के पंचायत शिक्षक प्रहलाद कुमार बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता हैं. यह अनुसूचित जाति से आते हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय मोतिहारी द्वारा एरियर का भुगतान नहीं किया जा रहा है. संघ के पदधारक होने के नाते दोनों शिक्षकों के लिखित आवेदन को प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष को दिया. दोनों शिक्षक की समस्या के निदान के लिए संघ के प्रवक्ता होने के नाते मैं 12 मई को दोनों शिक्षकों के साथ वे स्वयं जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय पर पहुंचे.
जिला शिक्षा पदाधिकारी मोतिहारी के समक्ष अपनी अपनी शिकायत रखी. शिकायत सुनने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में संजीव कुमार रंजन शिक्षक और ताराकांत बैठा शिक्षक से रिश्वत मांगा गया. हमने इसका विरोध किया. इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी व अन्य ने जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए धमकी दी. जूता मार कर बाहर निकालने को कहा. उन्होंने सस्पेंड कर मजा चखाने की धमकी दी. साथ ही केस में फंसा कर जीवन बर्बाद कर देने को कहा.
इसके बाद उक्त पंचायत शिक्षक प्रह्लाद कुमार ने मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी के खिलाफ 37-SC/ST P Atrocities Special Court Judge के यहां कंप्लेन किया है. उक्त शिक्षक ने 16 मई को कोर्ट के समक्ष आवेदन दिया है और जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी को पार्टी बनाया है. अब एससी-एसटी कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी.



