MLC Election Result 2026 : देश के चार राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। इन राज्यों की कुल 28 सीटों पर हुए चुनाव में कहीं भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की, तो कहीं विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ गठबंधन को बड़ा झटका दिया। उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जबकि बिहार में जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी ताकत दिखाई। महाराष्ट्र में कांग्रेस और शरद पवार गुट को महत्वपूर्ण जीत मिली, वहीं कर्नाटक में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला।
27 अक्टूबर से शुरू हुई मतगणना के बाद बिहार और कर्नाटक के नतीजे बुधवार रात तक साफ हो गए थे। वहीं महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की कुछ सीटों पर गुरुवार, 29 अक्टूबर की सुबह तक गिनती चली। आइए, राज्यवार जानते हैं कि किस सीट से कौन उम्मीदवार जीता और किसे हार का सामना करना पड़ा।
1. उत्तर प्रदेश: भाजपा ने 6, सपा ने 5 सीटों पर दर्ज की जीत
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। कुल 11 सीटों में भाजपा ने 6 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर कब्जा जमाया। वाराणसी स्नातक सीट का परिणाम सबसे आखिर में सामने आया, जहां सपा के आशुतोष सिन्हा ने भाजपा के केदारनाथ सिंह को हरा दिया।
भाजपा के विजेता उम्मीदवारों की सूची:
मेरठ खंड स्नातक: दिनेश कुमार गोयल
लखनऊ खंड शिक्षक: उमेश द्विवेदी
आगरा खंड स्नातक: डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह
मेरठ खंड शिक्षक: श्रीचंद शर्मा
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक: डॉ. हरि सिंह ढिल्लों
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक: ध्रुव कुमार त्रिपाठी
समाजवादी पार्टी के विजेता उम्मीदवारों की सूची:
लखनऊ खंड स्नातक: कांति सिंह
वाराणसी खंड शिक्षक: लाल बिहारी यादव
वाराणसी खंड स्नातक: आशुतोष सिन्हा
आगरा खंड शिक्षक: डॉ. आकाश अग्रवाल
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक: डॉ. मान सिंह यादव
इस परिणाम से साफ है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को बढ़त जरूर मिली, लेकिन समाजवादी पार्टी ने भी पांच सीटें जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
2. बिहार: NDA को 4 सीटें, निर्दलीयों ने भी दिखाया दम
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव में भाजपा-जदयू गठबंधन को चार सीटें मिलीं। राजद ने एक सीट जीती, जबकि जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी ताकत दिखाई। खास बात यह रही कि पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार ने जीत दर्ज की, वहीं पटना शिक्षक सीट पर राजद ने भाजपा को हराया।
भाजपा-जदयू गठबंधन के विजेता उम्मीदवार:
पटना स्नातक: नीरज कुमार (जदयू)
दरभंगा स्नातक: सर्वेश कुमार (भाजपा)
तिरहुत शिक्षक: नरेंद्र प्रसाद सिंह (भाजपा)
कोसी स्नातक: डॉ. एनके यादव (भाजपा)
राजद के विजेता उम्मीदवार:
पटना शिक्षक: डॉ. संजीव सिंह
जन सुराज के विजेता उम्मीदवार:
दरभंगा शिक्षक: डॉ. सुरेश प्रसाद राय
निर्दलीय विजेता उम्मीदवार:
तिरहुत स्नातक: बंशीधर ब्रजवासी
सारण शिक्षक: राहुल राज
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार ने राजद के दिलीप कुमार को 4,655 मतों से हराया। वहीं तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी ने जदयू के अभिषेक झा को 9,147 मतों से पराजित किया। बिहार के नतीजों ने दिखाया कि गठबंधन की जीत के बावजूद कुछ सीटों पर स्थानीय समीकरण और निर्दलीय उम्मीदवार निर्णायक साबित हुए।
3. महाराष्ट्र: नागपुर में कांग्रेस की जीत, महायुति को झटका
महाराष्ट्र की पांच विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) ने तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ महायुति के खाते में दो सीटें गईं। नागपुर स्नातक सीट का परिणाम खास चर्चा में रहा, क्योंकि इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गढ़ माना जाता है। यहां कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को हरा दिया।
महायुति के विजेता उम्मीदवार:
पुणे शिक्षक: कौस्तुभ गावड़े (भाजपा)
अमरावती शिक्षक: किरण सरनाईक (शिंदे गुट की शिवसेना)
महा विकास आघाड़ी के विजेता उम्मीदवार:
नागपुर स्नातक: अभिजीत वंजारी (कांग्रेस)
पुणे स्नातक: हर्षदा देशमुख-जाधव (राकांपा, शरद पवार गुट)
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक: डॉ. प्रतापसिंह पाटिल (राकांपा, शरद पवार गुट)
नागपुर में कांग्रेस की जीत को भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। वहीं पुणे और छत्रपति संभाजीनगर की स्नातक सीटों पर शरद पवार गुट ने जीत दर्ज कर विपक्ष की स्थिति मजबूत की।
4. कर्नाटक: भाजपा-जेडीएस गठबंधन का क्लीन स्वीप
कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों पर भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन ने सभी सीटें जीत लीं। राज्य में सत्ता संभाल रही कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। यह परिणाम कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
भाजपा के विजेता उम्मीदवार:
उत्तर-पूर्व शिक्षक: शशील जी. नमोशी
दक्षिण-पूर्व स्नातक: के.एम. सुरेश
पश्चिम स्नातक: एस.वी. संकानूर
जेडीएस के विजेता उम्मीदवार:
बेंगलुरु शिक्षक: ए.पी. रंगनाथ
कर्नाटक के नतीजों ने भाजपा-जेडीएस गठबंधन की मजबूती को दिखाया। दूसरी ओर कांग्रेस को चारों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
चार राज्यों के नतीजों से क्या संकेत मिले?
चारों राज्यों के परिणाम अलग-अलग राजनीतिक तस्वीर पेश करते हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा ने मामूली अंतर से बढ़त बनाए रखी, लेकिन सपा ने भी पांच सीटें जीतकर चुनौती बरकरार रखी। बिहार में NDA चार सीटें जीतने में सफल रहा, लेकिन जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। महाराष्ट्र में विपक्षी MVA ने तीन सीटें जीतकर महायुति को पीछे छोड़ा, जबकि कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने सभी चार सीटें जीतकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया।
कुल मिलाकर, इन चुनावों में भाजपा को कुछ राज्यों में सफलता मिली, लेकिन विपक्ष ने भी कई अहम सीटों पर जीत दर्ज की। नतीजों ने यह संकेत दिया कि विधान परिषद चुनावों में स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं।





