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धरती के भगवान की करतूत: प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा मौत, गुस्साए परिजनों ने नर्सिंग होम में किया हंगामा, डॉक्टर पर गंभीर आरोप

पश्चिम चंपारण के मझौलिया में एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान प्रसूता की मौत के बाद बवाल मच गया। परिजनों ने फर्जी डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। क्लिनिक के बाहर सरकारी डॉक्टर का बोर्ड भी अवैध रूप से लगा मिला।

Bihar
मरीज की मौत पर बवाल
© REPOTER
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

WEST CHAMPARAN: पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत हरि पकड़ी रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया और डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।


मृतका की पहचान नौतन खुर्द पंचायत के वार्ड संख्या-4 निवासी जीवन साह की 37 वर्षीय पत्नी रानी देवी के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, रानी देवी को दो दिन पूर्व प्रसव पीड़ा हुई थी। इसके बाद परिजन उन्हें मझौलिया के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराए, जहां दो दिनों से इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।


मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और नर्सिंग होम में जमकर बवाल काटा। परिजनों का आरोप है कि वहां फर्जी डॉक्टर इलाज कर रहे थे और इलाज में लापरवाही बरती गई, जिससे यह दुखद घटना हुई। सूचना मिलने पर मझौलिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने में जुट गई।


इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस नर्सिंग होम में इलाज हो रहा था, उसके बाहर मझौलिया पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम कुमार का नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर वाला बोर्ड लगा हुआ है। जब इस बारे में उनसे दूरभाष पर पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि "उस क्लिनिक से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। बोर्ड का इस्तेमाल अवैध रूप से किया गया है। मैं इस पर जल्द ही कार्रवाई करूँगा।" स्थानीय लोगों का कहना है कि मझौलिया क्षेत्र में वर्षों से कई निजी क्लिनिक बिना रजिस्ट्रेशन और योग्य डॉक्टरों के संचालन में लगे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।