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Mahila Rojgar Scheme 2025 : आपके भी खाते में अभी तक नहीं पहुंचें हैं 10 हज़ार रुपए, तो जानिए क्या है इसके पीछे की वजह; अभी बैंक जाकर करवा लें यह काम

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में केवाईसी न होने से 10 लाख जीविका दीदियों के खाते फ्रीज, राशि अभी तक नहीं पहुंची; अधिकारियों का कहना है, केवाईसी पूर्ण होते ही पैसा भेजा जाएगा।

Mahila Rojgar Scheme 2025 : आपके भी खाते में अभी तक नहीं पहुंचें हैं 10 हज़ार रुपए, तो जानिए क्या है इसके पीछे की वजह; अभी बैंक जाकर करवा लें यह काम
Tejpratap
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Mahila Rojgar Scheme 2025 : मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025 के तहत लाभान्वित लगभग 10 लाख जीविका दीदियों के खाते में केवाईसी (KYC) न होने की वजह से योजना की राशि अभी तक नहीं पहुंच पाई है। इन सभी के बैंक खाते फ्रीज हैं, जिसके कारण लाभ सीधे उनके खातों में ट्रांसफर नहीं किया जा सका। अधिकतर प्रभावित खाते जनधन योजना के तहत खोले गए हैं।


सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक एक करोड़ 55 लाख 84 हजार 882 जीविका दीदियों के खाते में राशि भेजी जा चुकी है, लेकिन वास्तविक रूप से यह राशि केवल एक करोड़ 45 लाख 84 हजार 882 खातों में ही पहुंच पाई है। इस वजह से पांचवें चरण में वंचित जीविका दीदियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन खातों में केवाईसी पूरा होगा, वहां राशि तुरंत भेज दी जाएगी।


पांचवें चरण में 28 नवंबर को लगभग 10 लाख जीविका दीदियों के खाते में 10,000 रुपये प्रति लाभुक की दर से 1,000 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई थी। अब तक कुल एक करोड़ 56 लाख जीविका दीदियों के खातों में 15,600 करोड़ रुपये का अंतरण किया जा चुका है। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवाईसी पूरी होने पर बाकी वंचित खातों में राशि तुरंत भेज दी जाएगी।


महिला रोजगार योजना के लाभ और भविष्य की योजना

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से कई महिलाओं ने अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू किया है। विभाग ने बताया कि जिन महिलाओं ने अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित किया, उन्हें भविष्य में दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता राशि भी दी जाएगी।


शेष चयनित जीविका दीदियों के खातों में अगले महीने तक सहायता राशि भेजने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने महिलाओं से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों का केवाईसी जल्द पूरा कराएं, ताकि योजना का पूरा लाभ उन्हें मिल सके।


केवाईसी प्रक्रिया का महत्व

विभागीय अधिकारियों ने कहा कि बिना केवाईसी के बैंक खाते फ्रीज रहते हैं और सरकारी योजनाओं की राशि सीधे खाते में नहीं पहुंच सकती। इस कारण जिन जीविका दीदियों के खातों में राशि नहीं पहुंची, उनके लिए केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। केवाईसी पूरी होते ही उनकी राशि खातों में भेज दी जाएगी।


सरकारी प्रयास और तकनीकी सुधार

ग्रामीण विकास विभाग ने सभी वंचित खातों की पहचान कर ली है। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में महिला रोजगार योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राशि ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर लाभुक तक योजना की राशि सही समय पर पहुंचे।


सरकारी आंकड़े बताते हैं कि महिला रोजगार योजना के तहत लाभान्वित जीविका दीदियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। योजना के तहत दी गई सहायता राशि से महिलाएं अपने परिवार का खर्च पूरा कर रही हैं और कुछ ने अपने व्यवसाय को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।


महिला आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में दी गई वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत और समाज में आत्मनिर्भर बन सकती हैं। इस योजना से लाभान्वित महिलाओं को रोजगार के अवसर, वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर दिए जाते रहेंगे।


सरकार की योजना है कि भविष्य में और अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जिन जीविका दीदियों के खाते में अभी राशि नहीं पहुंची है, उन्हें तुरंत केवाईसी पूरा करना चाहिए।


मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025 ने यह साबित कर दिया है कि महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण से पूरे समाज को लाभ होता है। सरकार की कोशिश है कि हर योग्य लाभुक तक योजना का लाभ पहुंचे और महिलाएं अपने व्यवसाय और परिवार दोनों को सफलतापूर्वक संचालित कर सकें।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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