India Nepal Border : मधुबनी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रॉली बैग से 163 ऐसे दाने बरामद किए हैं, जो पहली नजर में हीरे जैसे प्रतीत हो रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद सीमा पर तस्करी को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। बरामद दानों का कुल वजन करीब 2 ग्राम बताया जा रहा है। मामले में एक नेपाली नागरिक को हिरासत में लिया गया है, जिसकी पहचान 31 वर्षीय राहुल छेत्री के रूप में हुई है।
कार्रवाई 9 अक्टूबर 2026 को मधुबनी के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र स्थित बेतौन्हा–मारर चेक पोस्ट पर की गई। यहां 48वीं वाहिनी SSB, जयनगर के जवान नियमित जांच अभियान चला रहे थे। इसी दौरान एक ट्रॉली बैग को बैगेज स्कैनर से गुजारा गया। स्कैनिंग के दौरान जवानों को बैग के अंदर कुछ संदिग्ध सामान नजर आया। इसके बाद सुरक्षा बलों ने ट्रॉली बैग को रोककर उसकी गहन तलाशी ली।
तलाशी के दौरान बैग के अंदर प्लास्टिक के एक डिब्बे में रखे छोटे-छोटे 163 दाने बरामद हुए। आकार और चमक के कारण ये दाने पहली नजर में हीरे जैसे दिखाई दे रहे थे। बरामदगी के बाद SSB जवानों ने संबंधित व्यक्ति से पूछताछ शुरू की और सामान से जुड़े दस्तावेज मांगे।पूछताछ में पकड़े गए नेपाली नागरिक ने अपना नाम राहुल छेत्री, उम्र 31 वर्ष, पिता का नाम राम बहादुर छेत्री बताया। वह नेपाल के कोशी प्रदेश के ओखलढुंगा जिले के रानीवन थाना क्षेत्र के चम्पादेवी गांव एवं पोस्ट का रहने वाला है।
राहुल ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि बरामद दाने लैब-ग्रोन हीरे हैं। उसके अनुसार वह इन्हें निजी आभूषण बनवाने के लिए काठमांडू से मध्य प्रदेश के होशंगाबाद लेकर जा रहा था। हालांकि, जब SSB अधिकारियों ने इनकी खरीद से संबंधित वैध रसीद या अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे तो वह कोई संतोषजनक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सुरक्षा बलों का संदेह और गहरा गया।
बरामद दानों की संख्या भले ही 163 है, लेकिन उनका कुल वजन करीब 2 ग्राम बताया जा रहा है। वहीं, सूत्रों के हवाले से बरामद सामान की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2.50 करोड़ रुपये से अधिक होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन दानों की वास्तविक प्रकृति, गुणवत्ता और बाजार मूल्य की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच और विशेषज्ञ परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
भारत-नेपाल सीमा पर इस तरह की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। खासकर तब, जब इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध कीमती पत्थरों को बिना वैध दस्तावेज के एक देश से दूसरे देश ले जाने की कोशिश की जा रही थी। SSB की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामान वास्तव में लैब-ग्रोन डायमंड है या प्राकृतिक हीरा अथवा कोई अन्य कीमती पत्थर।
फिलहाल SSB ने मामले में आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद 163 दानों और पकड़े गए नेपाली नागरिक राहुल छेत्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग, जयनगर को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है। सीमा शुल्क विभाग अब बरामद सामान की जांच, उसके स्रोत, दस्तावेज और संभावित तस्करी के एंगल से आगे की कार्रवाई कर सकता है।
इस पूरी कार्रवाई ने भारत-नेपाल सीमा पर चलने वाली नियमित जांच की अहमियत भी सामने ला दी है। अगर बैगेज स्कैनर के दौरान ट्रॉली बैग पर जवानों को संदेह नहीं होता, तो संभव है कि यह खेप सीमा पार कर आगे निकल जाती। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 163 संदिग्ध हीरे आखिर कहां से आए, इन्हें किसके लिए ले जाया जा रहा था और इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। इन सवालों के जवाब अब सीमा शुल्क विभाग की जांच में सामने आने की उम्मीद है।





