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सरकारी कर्मचारी को खुले में पेशाब करना पड़ गया भारी, पर्यावरण प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण

MADHEPURA: आप जब भी सरकारी कार्यालय जाते होंगे तो वहां दफ्तर के बाहर बड़े-बड़े बैनर पोस्टर नजर आते होंगे। जिस पर साफ शब्दों में यह संदेश लिखा मिलता होगा कि खुले में पेशाब और श

सरकारी कर्मचारी को खुले में पेशाब करना पड़ गया भारी, पर्यावरण प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MADHEPURA: आप जब भी सरकारी कार्यालय जाते होंगे तो वहां दफ्तर के बाहर बड़े-बड़े बैनर पोस्टर नजर आते होंगे। जिस पर साफ शब्दों में यह संदेश लिखा मिलता होगा कि खुले में पेशाब और शौच नहीं करना चाहिए। जिसका लोग अमल भी करते हैं लेकिन कुछ लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। 


मधेपुरा के एक सरकारी कर्मचारी ने यह गलती कर दी। दरअसल मामला मधेपुरा समाहरणालय का है जहां एक सरकारी कर्मचारी को खुले में पेशाब करते खुद डीएम साहब ने देख लिया। खुले में पेशाब करना उक्त कर्मी को महंगा पड़ गया। 


जब नंदन कुमार सरकारी आवासीय परिसर में खुले में पेशाब कर रहा था तभी डीएम साहब वहां से गुजर रहे थे। उनकी नजर जब उक्त कर्मी पर गई तब उन्होंने पर्यावरण प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के आरोप में नोटिस जारी करते हुए उक्त कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा। अब यदि 24 घंटे के भीतर सरकारी कर्मचारी नंदन कुमार ने स्पष्टीकरण नहीं दिया तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 


नंदन को डीएम की तरफ से जो नोटिस जारी किया गया है वो स्पष्टीकरण पत्र अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसके बाद सरकारी कर्मचारियों को बीच हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले के सामने आने के बाद एक सीख लोगों को मिली है। अब लोग खुले में शौच और पेशाब करने से बच रहे हैं। कुछ कर्मियों का कहना था कि नंदन के जैसा गलती कभी नहीं करेंगे।    

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