ब्रेकिंग
पहले प्यार, फिर शादी... अब साथ रखने से इनकार; पति के घर की चौखट पर बैठी महिला लगा रही न्याय की गुहारपटना में तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च को लेकर बढ़ी हलचल, डाकबंगला और जेपी गोलंबर पर जुटे हजारों RJD कार्यकर्ताPatna News : गांधी मैदान जाना है तो सावधान! आज बदल गया पटना का ट्रैफिक रूट, जानें कौन-सी सड़क बंदBihar weather : बिहार में फिर बदला मौसम! 3 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 11 जिलों में आंधी-बिजली का खतराथलपति विजय सरकार का महिलाओं को बड़ा तोहफा, तीसरे बच्चे पर भी मिलेगा 365 दिन का मातृत्व अवकाशपहले प्यार, फिर शादी... अब साथ रखने से इनकार; पति के घर की चौखट पर बैठी महिला लगा रही न्याय की गुहारपटना में तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च को लेकर बढ़ी हलचल, डाकबंगला और जेपी गोलंबर पर जुटे हजारों RJD कार्यकर्ताPatna News : गांधी मैदान जाना है तो सावधान! आज बदल गया पटना का ट्रैफिक रूट, जानें कौन-सी सड़क बंदBihar weather : बिहार में फिर बदला मौसम! 3 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 11 जिलों में आंधी-बिजली का खतराथलपति विजय सरकार का महिलाओं को बड़ा तोहफा, तीसरे बच्चे पर भी मिलेगा 365 दिन का मातृत्व अवकाश

मधेपुरा में दिखा दवा दुकानों के बंद का असर, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों का प्रदर्शन

मधेपुरा में ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बंद का व्यापक असर देखने को मिला। जिलेभर में अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहीं और दवा व्यवसायियों ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की।

बिहार न्यूज
20 मई को दवा दुकान बंद
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MADHEPURA: बिहार के मधेपुरा जिले में ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में शुक्रवार को दवा दुकानदारों का बंद व्यापक रूप से सफल रहा। मधेपुरा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंडों में अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहीं, जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा नजर आया।


यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट तथा बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त आह्वान पर आयोजित किया गया था। दवा व्यवसायियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही दवाओं की बिक्री पर कड़ी आपत्ति जताई।


एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि बिना उचित जांच और डॉक्टर की सलाह के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री मरीजों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। उनका आरोप है कि बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर छोटे दवा कारोबारियों के व्यवसाय को नुकसान पहुंचा रही हैं।


हालांकि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ चुनिंदा मेडिकल स्टोर खुले रखे गए थे, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को जरूरी दवाएं मिल सकें। बंद के दौरान दवा व्यवसायियों ने सरकार से ऑनलाइन और अवैध दवा बिक्री पर सख्त रोक लगाने, ई-फार्मेसी के लिए स्पष्ट नीति बनाने और छोटे दवा कारोबारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की।




टैग्स