ब्रेकिंग
परिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकार

किशनगंज थानाध्यक्ष को अकेला छोड़ भागने वाले साथी पुलिसकर्मियों पर एक्शन, 7 पुलिसवाले सस्पेंड

PATNA : मॉब लिंचिंग का शिकार हुए किशनगंज के टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार को अकेला छोड़ने वाले उनके साथी पुलिसकर्मियों पर एक्शन हुआ है। इस मामले में थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार को अके

किशनगंज थानाध्यक्ष को अकेला छोड़ भागने वाले साथी पुलिसकर्मियों पर एक्शन, 7 पुलिसवाले सस्पेंड
Santosh Singh
2 मिनट

PATNA : मॉब लिंचिंग का शिकार हुए किशनगंज के टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार को अकेला छोड़ने वाले उनके साथी पुलिसकर्मियों पर एक्शन हुआ है। इस मामले में थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार को अकेला छोड़ कर भाग निकलने वाले 7 पुलिसकर्मियों के ऊपर गाज गिरी है। लापरवाही बरतने के आरोप में सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार समेत 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।


पूरी घटना की जानकारी लेने के बाद आईजी के निर्देश पर एसपी ने यह बड़ी कार्रवाई की है। आपको बता दें कि शनिवार को जब दिवंगत थानाध्यक्ष का पार्थिव शरीर गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद परिजनों को सौंपा गया तो उन्होंने नाराजगी जताई थी। किशनगंज के टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की हत्या के बाद गुस्साए परिजनों ने आरोप लगाया था कि साजिश के तहत उनकी हत्या कराई गई। उनका आरोप था कि जो पुलिस पदाधिकारी और सिपाही उनके साथ छापेमारी के लिए गए थे आखिर वह कैसे बच गए जबकि अश्विनी कुमार भीड़ के हत्थे चढ़ गए। इसके बाद आईजी ने इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की और अब एसपी को 7 पुलिसकर्मियों के ऊपर कार्रवाई का निर्देश दिया। 


अश्विनी कुमार के परिजन का आरोप लगा रहे हैं कि हत्या का केस पश्चिम बंगाल में दर्ज किया गया है लेकिन बंगाल पुलिस से उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है। इसलिए केस किशनगंज थाने में ट्रांसफर कराने की परिजनों ने मांग रखी है। परिजनों ने अश्विनी कुमार के साथी पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर संदेह जताया है। आईजी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जो कोई भी इससे पूरे कांड में शामिल है सभी की गिरफ्तारी होगी और उन्हें सजा दिलाई जाएगी। अब इस मामले में 7 पुलिसकर्मियों के निलंबन की बड़ी कार्रवाई हुई है।