Khan Sir Coaching Attack : पटना के चर्चित शिक्षाविद् और प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञ खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुई फायरिंग और मारपीट की घटना के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक कथित CCTV फुटेज और कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनको लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी व्यक्ति या संस्था की आधिकारिक रूप से पहचान नहीं की है और जांच जारी है।
मंगलवार, 2 जून 2026 की शाम राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर अचानक हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इलाके में कई राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
घटना के बाद खान सर ने आरोप लगाया कि संस्थान की सुरक्षा में तैनात गार्ड के साथ मारपीट की गई। उनका कहना है कि हमलावरों ने गार्ड को बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल गार्ड को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए खान सर ने फिलहाल अपने कोचिंग सेंटर को बंद रखने का फैसला लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और हमले में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित CCTV वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पीले रंग की शर्ट पहने एक युवक और बनियान पहने दूसरे व्यक्ति के बीच तीखी झड़प होती है। कुछ सेकंड के भीतर दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो जाती है। वीडियो में आसपास मौजूद कुछ अन्य लोगों की गतिविधियां भी दिखाई देती हैं। साथ ही पत्थरबाजी जैसी घटनाएं होने के दावे भी सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं।
वायरल वीडियो के अलावा एक तस्वीर भी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि वीडियो में दिखाई देने वाला पीली शर्ट पहने युवक एक अन्य चर्चित कोचिंग संस्थान से जुड़ा हुआ है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं (दारोगा भर्ती) की तैयारी कराने के लिए जाना जाता है। हालांकि इन दावों की अभी तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, केवल सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
उधर, घटना के बाद छात्रों में भी नाराजगी देखी जा रही है। कई छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कोचिंग हब के रूप में प्रसिद्ध मुसल्लहपुर हाट इलाके में हुई इस घटना ने अभिभावकों और छात्रों दोनों को चिंतित कर दिया है।
फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। जब तक आधिकारिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वायरल तस्वीरों और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को सत्य मानना जल्दबाजी होगी। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं को साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।





