चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के दो दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में लगातार हो रही आलोचना और पुलिस की बढ़ती फजीहत के बीच अब पटना एसएसपी ने बड़ा कदम उठाते हुए खान सर की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम का गठन कर दिया है। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी में हो रही देरी के कारण पुलिस की छवि पर असर पड़ रहा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार गठित टीम में टाउन डीएसपी-1, टाउन डीएसपी-2, कदमकुआं थाना प्रभारी, पीरबहोर थाना प्रभारी और गांधी मैदान थाना प्रभारी को शामिल किया गया है। इन अधिकारियों को फैजल खान की गिरफ्तारी को लेकर विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम गठन के बाद पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है और संबंधित अधिकारियों ने अपनी गतिविधियां भी तेज कर दी हैं।
दरअसल, खान सर के खिलाफ कदमकुआं थाने में दर्ज एफआईआर को लेकर पिछले दो दिनों से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज है। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया था कि आखिर पुलिस कार्रवाई करने में देरी क्यों कर रही है। यही वजह है कि अब एसएसपी को विशेष टीम बनाकर संदेश देना पड़ा है कि कानून सभी के लिए समान है और मामले में कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक अब तक पटना पुलिस खान सर के सरेंडर का इंतजार कर रही थी। पुलिस को उम्मीद थी कि फैजल खान स्वयं अदालत में आत्मसमर्पण करेंगे या कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत लेने का प्रयास करेंगे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया और गिरफ्तारी नहीं हुई, वैसे-वैसे पुलिस पर दबाव बढ़ता गया। इसके बाद पुलिस ने अपना रुख बदलते हुए गिरफ्तारी की दिशा में सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
इधर दूसरी ओर फैजल खान की कानूनी टीम भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। उनके वकील पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) के लिए याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार के दिन भी उनके अधिवक्ता अदालत पहुंचे थे, लेकिन किसी कारणवश बेल याचिका दाखिल नहीं हो सकी थी। अब सभी की नजरें सोमवार को अदालत में होने वाली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि जिन धाराओं में फैजल खान के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनमें अग्रिम जमानत मिलना आसान नहीं माना जाता। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर कदमकुआं थाना क्षेत्र में तैनात एक सुरक्षा गार्ड के बयान के आधार पर दर्ज की गई थी।
मामले में एक और नया मोड़ तब आया जब फायर सेफ्टी विभाग की टीम ने खान सर की कोचिंग संस्थान में जांच-पड़ताल की। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में पाया कि संस्थान में कई सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है। यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो कोचिंग संस्थान के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उसे सील भी किया जा सकता है।
फिलहाल पूरे मामले में दो मोर्चों पर गतिविधियां तेज हैं। एक तरफ अदालत में खान सर की अग्रिम जमानत को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू होने वाली है, तो दूसरी तरफ पुलिस की विशेष टीम उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हो गई है। गिरफ्तारी में हुई देरी से जिस तरह पटना पुलिस की किरकिरी हुई है, उसके बाद अब पुलिस किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं दिख रही। आने वाले 24 घंटे इस हाई-प्रोफाइल मामले में बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि अदालत और पुलिस दोनों की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।





