Bihar News: खगड़िया जिले में कोसी और बागमती नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि बूढ़ी गंडक के जलस्तर में भी लगातार तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालांकि, जल संसाधन विभाग ने सभी बांधों, तटबंधों और आधारभूत संरचनाओं को पूरी तरह सुरक्षित बताया है। विभाग की ओर से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 32 सेंटीमीटर बढ़ा है। सोमवार सुबह छह बजे अघोरी स्थान के पास इसका जलस्तर 33.48 मीटर था, जो मंगलवार सुबह छह बजे बढ़कर 33.80 मीटर पहुंच गया। हालांकि, बूढ़ी गंडक अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।
वहीं, कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खगड़िया के बलतारा में मंगलवार सुबह छह बजे कोसी का जलस्तर 34.76 मीटर दर्ज किया गया, जबकि सोमवार शाम छह बजे यह 34.67 मीटर था। यानी पिछले 12 घंटे में जलस्तर में 9 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। कोसी यहां खतरे के निशान 33.85 मीटर से 91 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
कोसी बराज (भीमनगर) से मंगलवार सुबह सात बजे 2,03,265 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि सुबह आठ बजे डिस्चार्ज 2,01,660 क्यूसेक दर्ज किया गया। दूसरी ओर, बराह क्षेत्र में सुबह सात और आठ बजे दोनों समय डिस्चार्ज 1.28 लाख क्यूसेक रहा।
इधर, बागमती नदी भी उफान पर बनी हुई है। खगड़िया के संतोष जलद्वार के पास मंगलवार सुबह छह बजे इसका जलस्तर 36.94 मीटर दर्ज किया गया, जो सोमवार सुबह के 36.92 मीटर की तुलना में 2 सेंटीमीटर अधिक है। मामूली वृद्धि के बावजूद बागमती खतरे के निशान 35.63 मीटर से 1.31 मीटर ऊपर बह रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, बढ़ते जलस्तर के बावजूद सभी बांध और तटबंध सुरक्षित हैं तथा संभावित खतरे को देखते हुए चौबीसों घंटे निगरानी जारी है।




