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10 साल तक JE पद पर काम, लेकिन डिग्री निकली फर्जी, खगड़िया नगर परिषद में बड़ा घोटाला उजागर

खगड़िया नगर परिषद में 10 वर्षों तक संविदा पर कार्यरत जेई रोशन कुमार की डिग्री फर्जी निकली। तकनीकी शिक्षा बोर्ड की रिपोर्ट में खुलासा, बहाली और निगरानी प्रणाली पर उठे सवाल।

Bihar
बहाली की प्रक्रिया पर उठे सवाल
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Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

KHAGARIA: खगड़िया नगर परिषद कार्यालय में करीब 10 वर्षों तक जूनियर इंजीनियर (JE) के पद पर काम कर रहे रोशन कुमार की डिग्री फर्जी पाई गई है। इस खुलासे के बाद नगर परिषद के बहाली तंत्र और प्रमाणपत्र सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


बिहार राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड द्वारा नगर परिषद कार्यालय को भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में यह पुष्टि की गई है कि रोशन कुमार द्वारा प्रस्तुत डिप्लोमा अंकपत्र पूरी तरह से जाली है। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित रजिस्ट्रेशन नंबर और संस्थान का कोई प्रामाणिक रिकॉर्ड बोर्ड के पास नहीं है।


कैसे हुआ खुलासा?

रोशन कुमार को वर्ष 2014 में नगर परिषद की तत्कालीन स्थायी समिति की अनुशंसा पर संविदा के आधार पर बहाल किया गया था। 22 अक्टूबर 2024 को उन्हें पद से कार्यमुक्त कर दिया गया था, जिसके बाद डिग्री की जांच के लिए बिहार तकनीकी शिक्षा बोर्ड को पत्र लिखा गया। सत्यापन के बाद यह स्पष्ट हो गया कि उनके पास कोई मान्य तकनीकी डिग्री नहीं थी।


कार्रवाई की मांग तेज

अब रोशन कुमार के खिलाफ आपराधिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठ रही है। नगर परिषद कर्मियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि एक फर्जी डिग्रीधारी को इतने वर्षों तक जिम्मेदार पद पर रखना, न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि इससे सरकारी संसाधनों का भी दुरुपयोग हुआ है। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद, संबंधित विभाग को सूचित कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस पूरे मामले ने संविदा बहाली प्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी की जरूरत को उजागर कर दिया है।


खगड़िया से अनिश की रिपोर्ट

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रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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