ब्रेकिंग
50 हजार के विवाद में दादी बनी कातिल, बहू से बदला लेने के लिए 4 साल के पोते की हत्याकांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बेगूसराय की कोर्ट में किया सरेंडर, अदालत से मिली राहत; क्या है मामला?बांकीपुर उपचुनाव: पार्टी उम्मीदवार वीणा मानवी की गिरफ्तारी पर भड़के तेज प्रताप यादव, जानिए..क्या बोले JJD चीफ?बिहार की कोर्ट का अहम फैसला: दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, तीन मासूमों की तस्करी का मामलाटीबी मुक्त बिहार अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, 14 अगस्त तक 1 करोड़ लोगों की होगी स्क्रीनिंग; NCC कैडेट संभालेंगे मोर्चा50 हजार के विवाद में दादी बनी कातिल, बहू से बदला लेने के लिए 4 साल के पोते की हत्याकांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बेगूसराय की कोर्ट में किया सरेंडर, अदालत से मिली राहत; क्या है मामला?बांकीपुर उपचुनाव: पार्टी उम्मीदवार वीणा मानवी की गिरफ्तारी पर भड़के तेज प्रताप यादव, जानिए..क्या बोले JJD चीफ?बिहार की कोर्ट का अहम फैसला: दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, तीन मासूमों की तस्करी का मामलाटीबी मुक्त बिहार अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, 14 अगस्त तक 1 करोड़ लोगों की होगी स्क्रीनिंग; NCC कैडेट संभालेंगे मोर्चा

बिहार के इस जिले में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, लाल निशान से ऊपर बह रही बागमती; कोसी भी पहुंची करीब

Bihar Flood News: खगड़िया में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि कोसी नदी भी लाल निशान के करीब पहुंच गई है। प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। पूरी स्थिति जानने के लिए खबर...

बिहार के इस जिले में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, लाल निशान से ऊपर बह रही बागमती; कोसी भी पहुंची करीब
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Flood News: बिहार के खगड़िया जिले में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण बागमती और कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. सबसे अधिक चिंता बागमती नदी को लेकर है, जो संतोष जलद्वार के पास खतरे के निशान को पार कर चुकी है. वहीं, कोसी नदी भी लाल निशान के बेहद करीब पहुंच गई है, जिससे निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है.


सोमवार सुबह छह बजे संतोष जलद्वार के पास बागमती नदी का जलस्तर 35.79 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 35.63 मीटर है. यानी बागमती नदी खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. पिछले 12 घंटे में नदी के जलस्तर में 34 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वर्तमान में बागमती का जलस्तर करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, जिससे आसपास के तटीय और निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है.


दूसरी ओर, कोसी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. बलतारा में सोमवार सुबह छह बजे कोसी का जलस्तर 33.47 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 33.85 मीटर है. यानी कोसी नदी अब खतरे के निशान से महज 38 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. पिछले 12 घंटे के दौरान कोसी के जलस्तर में 17 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है और नदी लगभग डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है.


जल संसाधन विभाग ने आशंका जताई है कि दोनों नदियों का जलस्तर अभी और बढ़ सकता है. विभाग के अनुसार नदियों की प्रवृत्ति लगातार बढ़ने की है, इसलिए हालात पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है. बाढ़ नियंत्रण को लेकर सभी तटबंधों, बांधों और संवेदनशील स्थलों की निगरानी तेज कर दी गई है.


विभाग ने बताया कि सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं. संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में बालू से भरे बोरे उपलब्ध कराए गए हैं. साथ ही अस्थायी कैंप बनाकर इंजीनियरों और कर्मियों की तैनाती की गई है. दिन-रात गश्त और निगरानी जारी है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.


प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी कर ली गई है. यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो खगड़िया के कई निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और गंभीर हो सकता है.