कटिहार: जमीन के छोटे से टुकड़े को लेकर शुरू हुआ विवाद कब रिश्तों की कड़वाहट, कब्जे के आरोप और मारपीट तक पहुंच जाए, कहना मुश्किल है। कटिहार के कोलासी थाना क्षेत्र की दक्षिणी सिमरिया पंचायत के सोनबरसा गांव में जमीन विवाद ने ऐसा ही रूप ले लिया है। यहां विवादित जमीन पर कब्जे की कोशिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। एक पक्ष जहां पैतृक जमीन पर दबंगई के बल पर कब्जा करने और उसे बेचने की कोशिश का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए जमीन पर अपना पारिवारिक अधिकार बताया है।
मामला तब गरमा गया, जब सौतेले पुत्र सतीश सिंह ने राखी सिंह पर आरोप लगाया कि वह दबंगई के बल पर उनकी पैतृक जमीन को दूसरे लोगों के हाथ बेचने की कोशिश कर रही हैं। सतीश का कहना है कि जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा है और इसी वजह से तनाव की स्थिति बनी हुई है। उनका आरोप है कि दूसरे पक्ष की ओर से जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि प्रेम सिंह के अनुसार, विवादित जमीन पर कुछ लोग कब्जे की कोशिश कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद वह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वहां दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति थी। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों को समझाया गया और मौके से हटा दिया गया, ताकि विवाद और न बढ़े।
हालांकि, मामला यहां खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि मौके से लौटने के दौरान सदर ब्लॉक के पास कुछ लोगों ने प्रेम सिंह का रास्ता रोक लिया और उनके साथ मारपीट की। घटना में प्रेम सिंह घायल हो गए। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। घटना के बाद उन्होंने सहायक थाना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस अब पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
दूसरी ओर, राखी सिंह ने जमीन पर कब्जे और मारपीट से जुड़े आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि विवादित जमीन उनके परिवार के हिस्से में आई है और उस पर उनका अधिकार है। राखी सिंह के मुताबिक, उनके पति विजयमल सिंह ने दो शादियां की थीं। उनके जीवित रहते ही परिवार की जमीन का बंटवारा हो गया था और उन्हें उनके हिस्से की जमीन मिली थी।
राखी सिंह का आरोप है कि अब उनके सौतेले बच्चे उसी जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं और उन्हें अपने हिस्से की जमीन पर जाने से भी रोका जाता है। उनका कहना है कि जमीन को लेकर मामला न्यायालय में भी पहुंचा था। कोर्ट के आदेश के बाद वह अपने रिश्तेदारों और एक मजदूर के साथ जमीन पर गई थीं। उन्होंने दावा किया कि इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई थी। राखी सिंह के अनुसार, जमीन पर पहुंचने के दौरान ही विवाद बढ़ा और उन्होंने प्रेम सिंह पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जिस जमीन को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह उनके हिस्से में आई है और वह अपने अधिकार वाली जमीन पर ही गई थीं।
फिलहाल सोनबरसा गांव का यह जमीन विवाद अब केवल जमीन के मालिकाना हक तक सीमित नहीं रह गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अलग-अलग आरोप लगा रहे हैं और मामला मारपीट की शिकायत तक पहुंच चुका है। एक ओर जहां प्रेम सिंह की ओर से मारपीट को लेकर शिकायत की गई है, वहीं राखी सिंह जमीन के अपने पारिवारिक अधिकार का दावा कर रही हैं। अब पुलिस के सामने दोनों पक्षों के आरोपों की जांच के साथ-साथ जमीन से जुड़े दस्तावेजों और न्यायालय के आदेश की भी पड़ताल का सवाल है। पुलिस की जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवादित जमीन पर वास्तविक अधिकार किसका है और मारपीट की घटना में किन लोगों की भूमिका रही है





