ब्रेकिंग
BIHAR: मिड डे मील में मिली मरी छिपकली की पूंछ, 12 बच्चों की बिगड़ी तबीयत✦दिल्ली में प्रोटेस्ट के बीच अभिजीत दिपके की दादी का निधन, 85 साल की उम्र में ली अंतिम सांस✦आइसक्रीम खाते ही 5-6 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, मुंह में जलन और होंठ आपस में चिपकने की शिकायत✦पटना से दिल्ली जाने वाले रेल यात्रियों को बड़ी राहत, तेजस, राजधानी और संपूर्ण क्रांति समेत 4 ट्रेनें फिर से बहाल✦‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे, यह सरकार भी जाएगी’, CJP के प्रदर्शन को राहुल गांधी का समर्थन✦BIHAR: मिड डे मील में मिली मरी छिपकली की पूंछ, 12 बच्चों की बिगड़ी तबीयत✦दिल्ली में प्रोटेस्ट के बीच अभिजीत दिपके की दादी का निधन, 85 साल की उम्र में ली अंतिम सांस✦आइसक्रीम खाते ही 5-6 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, मुंह में जलन और होंठ आपस में चिपकने की शिकायत✦पटना से दिल्ली जाने वाले रेल यात्रियों को बड़ी राहत, तेजस, राजधानी और संपूर्ण क्रांति समेत 4 ट्रेनें फिर से बहाल✦‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे, यह सरकार भी जाएगी’, CJP के प्रदर्शन को राहुल गांधी का समर्थन

खून से लथपथ बुजुर्ग को नहीं मिली एंबुलेंस, ठेले पर अस्पताल से थाना तक ढोता रहा परिवार

Bihar News: कटिहार के मनिहारी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। घायल बुजुर्ग महिला को समय पर जरूरी सुविधा नहीं मिलने के बाद परिजनों को ऐसा कदम उठाना पड़ा, जिसने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत...

खून से लथपथ बुजुर्ग को नहीं मिली एंबुलेंस, ठेले पर अस्पताल से थाना तक ढोता रहा परिवार
Ramakant kumar
2 मिनट

Bihar News: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं. सरकारी विज्ञापनों में आधुनिक सुविधाओं, बेहतर इलाज और त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर दिखाई जाती है. लेकिन कटिहार जिले के मनिहारी से सामने आई एक घटना इन दावों की जमीनी हकीकत पर कई सवाल खड़े कर रही है.


दिल को झकझोर देने वाली यह घटना मनिहारी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 2 की है. यहां रहने वाली बुजुर्ग महिला रामा देवी अपने घर में अकेली थीं. इसी दौरान एक युवक ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले में बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं और खून से लथपथ हालत में जमीन पर गिर पड़ीं.


घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें लेकर मनिहारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. परिवार को उम्मीद थी कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज और जरूरी सुविधाएं मिलेंगी. लेकिन आरोप है कि घायल महिला को अस्पताल से आगे ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी.


इसके बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. परिजनों को मजबूरी में घायल बुजुर्ग महिला को ठेले पर लादकर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाना पड़ा. घायल महिला को ठेले पर ले जाते हुए लोगों ने देखा तो हर कोई हैरान रह गया.


सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का दावा कर रही है, तब एक गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग महिला को एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधा क्यों नहीं मिल सकी? क्या आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं है?


स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक महिला की परेशानी नहीं, बल्कि ग्रामीण और छोटे शहरों की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर है. जहां जरूरत पड़ने पर मरीज और उनके परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं.