ब्रेकिंग
विक्रमशिला सेतु पर इस दिन से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, समानांतर पॉन्टून ब्रिज बनाने की केंद्र से मांग‘Reel में उलझाकर युवाओं को बनाया जा रहा मजदूर’, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया को बताया 21वीं सदी का नशापूजा का प्रसाद खाते ही बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत, गांव में मची अफरातफरी; उल्टी-दस्त से हड़कंप‘हत्यारों को सजा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’, रोहतास में हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वीमुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्पविक्रमशिला सेतु पर इस दिन से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, समानांतर पॉन्टून ब्रिज बनाने की केंद्र से मांग‘Reel में उलझाकर युवाओं को बनाया जा रहा मजदूर’, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया को बताया 21वीं सदी का नशापूजा का प्रसाद खाते ही बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत, गांव में मची अफरातफरी; उल्टी-दस्त से हड़कंप‘हत्यारों को सजा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’, रोहतास में हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वीमुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्प

खून से लथपथ बुजुर्ग को नहीं मिली एंबुलेंस, ठेले पर अस्पताल से थाना तक ढोता रहा परिवार

Bihar News: कटिहार के मनिहारी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। घायल बुजुर्ग महिला को समय पर जरूरी सुविधा नहीं मिलने के बाद परिजनों को ऐसा कदम उठाना पड़ा, जिसने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत...

खून से लथपथ बुजुर्ग को नहीं मिली एंबुलेंस, ठेले पर अस्पताल से थाना तक ढोता रहा परिवार
Ramakant kumar
2 मिनट

Bihar News: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं. सरकारी विज्ञापनों में आधुनिक सुविधाओं, बेहतर इलाज और त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर दिखाई जाती है. लेकिन कटिहार जिले के मनिहारी से सामने आई एक घटना इन दावों की जमीनी हकीकत पर कई सवाल खड़े कर रही है.


दिल को झकझोर देने वाली यह घटना मनिहारी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 2 की है. यहां रहने वाली बुजुर्ग महिला रामा देवी अपने घर में अकेली थीं. इसी दौरान एक युवक ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले में बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं और खून से लथपथ हालत में जमीन पर गिर पड़ीं.


घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें लेकर मनिहारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. परिवार को उम्मीद थी कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज और जरूरी सुविधाएं मिलेंगी. लेकिन आरोप है कि घायल महिला को अस्पताल से आगे ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी.


इसके बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. परिजनों को मजबूरी में घायल बुजुर्ग महिला को ठेले पर लादकर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाना पड़ा. घायल महिला को ठेले पर ले जाते हुए लोगों ने देखा तो हर कोई हैरान रह गया.


सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का दावा कर रही है, तब एक गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग महिला को एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधा क्यों नहीं मिल सकी? क्या आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं है?


स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक महिला की परेशानी नहीं, बल्कि ग्रामीण और छोटे शहरों की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर है. जहां जरूरत पड़ने पर मरीज और उनके परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं.