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JEE Advanced 2026 : हार्डवेयर दुकानदार के बेटे ने किया कमाल! बिहार के शुभम कुमार बने JEE Advanced 2026 के AIR 1, पूरे देश में लहराया परचम

बिहार के गया के शुभम कुमार ने JEE Advanced 2026 में इतिहास रच दिया है। 360 में से 330 अंक हासिल कर पूरे देश में AIR 1 प्राप्त किया। साधारण परिवार से निकलकर देश का टॉपर बनने तक का सफर लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया है।

JEE Advanced 2026 : हार्डवेयर दुकानदार के बेटे ने किया कमाल! बिहार के शुभम कुमार बने JEE Advanced 2026 के AIR 1, पूरे देश में लहराया परचम
Tejpratap
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JEE Advanced 2026 : देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित होते ही बिहार के गया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। गया के रहने वाले शुभम कुमार ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि बिहार का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया है।


आईआईटी रुड़की की ओर से जारी परिणाम के अनुसार शुभम कुमार ने कुल 360 अंकों में से 330 अंक प्राप्त किए और कॉमन रैंक लिस्ट (सीआरएल) में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनके शानदार प्रदर्शन की खबर सामने आते ही परिवार, रिश्तेदारों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाइयां देना शुरू कर दिया। गया जिले में कई स्थानों पर मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने इस सफलता को गौरव का क्षण बताया।


शुभम कुमार की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वे एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता शिव कुमार स्थानीय स्तर पर हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद शुभम ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। परिवार का कहना है कि शुभम शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं और उन्होंने लगातार लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।


जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणाम में दूसरे स्थान पर दिल्ली जोन के कबीर छिल्लर रहे, जिन्होंने 329 अंक हासिल किए। वहीं तीसरी रैंक जतिन बत्रा को मिली, जिन्होंने 319 अंक प्राप्त किए। इस बार शीर्ष रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला।


महिला अभ्यर्थियों में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। दिल्ली जोन की आरोही पांडे ने 280 अंक हासिल कर परीक्षा की टॉप महिला उम्मीदवार बनने का गौरव प्राप्त किया। उनकी सफलता को भी शिक्षा जगत में काफी सराहा जा रहा है।


इस वर्ष जेईई एडवांस्ड परीक्षा में देशभर से 1 लाख 79 हजार 694 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा का आयोजन 17 मई को दो चरणों—पेपर-1 और पेपर-2—में किया गया था। परीक्षा के जरिए छात्रों की अवधारणात्मक समझ, विश्लेषण क्षमता और समस्या समाधान कौशल का मूल्यांकन किया गया।


परिणामों के अनुसार कुल 56 हजार 880 उम्मीदवारों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इनमें 10 हजार 107 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष परीक्षा का स्तर चुनौतीपूर्ण था, ऐसे में सफल उम्मीदवारों की उपलब्धि और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।


शुभम कुमार ने इससे पहले जेईई मेन के दोनों सत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। लगातार बेहतर परिणामों ने उन्हें एडवांस्ड परीक्षा के लिए मजबूत आत्मविश्वास दिया। शिक्षकों के अनुसार शुभम की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनकी नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और विषयों की गहरी समझ रही।


शुभम की इस उपलब्धि के बाद बिहार के विद्यार्थियों में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी सफलता उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में रहकर बड़े सपने देखते हैं। गया से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल करने वाले शुभम ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और समर्पण के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।उनकी सफलता पर शिक्षा जगत, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने शुभकामनाएं दी हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।