Bihar Police News: जमुई के खैरा थाना से जुड़े एक भ्रष्टाचार के मामले में एसपी विश्वजीत दयाल ने सख्त कदम उठाते हुए मंगलवार को महिला दारोगा जयश्री और चौकीदार आशीष तांती को निलंबित कर दिया। साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
दरअसल, मामला खैरा थाना कांड संख्या 85/26 से जुड़ा है, जिसमें हरियाडीह निवासी पीड़ित श्यामदेव गोस्वामी से मुकदमे में नाम नहीं जोड़ने के एवज में 8 हजार रुपये की मांग की गई थी। आरोप था कि पैसे नहीं देने पर उन्हें केस में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार, बिचौलिया अमित कुमार के माध्यम से 7500 रुपये सिक्कू कुमार के फोनपे खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद महिला दारोगा जयश्री ने खुद फोन कर पैसे मिलने की पुष्टि भी की थी। इस पूरे मामले का ऑडियो क्लिप भी सामने आया है, जिसमें कथित रूप से धमकी भरी बातचीत रिकॉर्ड था।
बताते चले कि 4 अप्रैल को यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विश्वजीत दयाल ने सदर एसडीपीओ सतीश सुमन के नेतृत्व में जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सत्य पाए गए, जिसके आधार पर सात दिन बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई हैं। इस मामले को लेकर अधिवक्ता सह राजद नेता गोल्डेन अंबेडकर ने भी पहल करते हुए वायरल ऑडियो को एसपी और एसडीपीओ को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा था और कार्रवाई की मांग की थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि खैरा थाना में गरीब और निर्दोष मजदूरों को झूठे मुकदमों में फंसाने, धमकाने और अवैध वसूली जैसी गतिविधियां हो रही हैं। गोल्डेन अंबेडकर ने यह भी दावा किया कि उन्हें भी फोन पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई थी। उन्होंने संविधान और कानून का हवाला देते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को गरीबों के हक में आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। कार्रवाई के बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कदम से पीड़ित को न्याय मिला है। उन्होंने मामले में आगे भी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
रिपोर्ट- धीरज कुमार सिंह, जमुई




