बिहार पुलिस के जिस दारोगा पर गांजा बेचने का आरोप, वह SP के साथ मैराथन में सूखा नशा के खिलाफ दौड़ लगाते दिखे; उठ रहे गंभीर सवाल

Bihar Police News: बिहार पुलिस सप्ताह के दौरान जहानाबाद में सूखा नशा विरोधी मैराथन में 1994 बैच के दारोगा संजय कुमार भी शामिल हुए, जिन पर पहले 250 किलो गांजा बेचने का केस दर्ज था और विभागीय कार्रवाई अभी भी जारी है।

1st Bihar Published by: Ajit Kumar Updated Wed, 25 Feb 2026 12:37:02 PM IST

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Bihar Police News: बिहार के जिस दारोगा के ऊपर गांजा बेचने का आरोप है वह सूखा नशा के खिलाफ मैराथन में एसपी के साथ दौड़ लगाते दिखे। यह थोड़ा अटपटा जरूर है लेकिन सौ फीसद सच है। गांजा बेचने के आरोपी को सूखा नशा के खिलाफ मैराथन में देखकर जिले के लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। मामला जहानाबाद जिले से जुड़ा है।


दरअसल, बिहार पुलिस सप्ताह (22 फरवरी से 27 फरवरी) के आयोजन के तहत जहानाबाद जिले में सूखा नशा के खिलाफ 5 किलोमीटर की मैराथन दौड़ आयोजित की गई। यह दौड़ एसपी अपराजित लोहान के नेतृत्व में शहर में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।


लेकिन इस दौड़ में शामिल होने वाले 1994 बैच के दारोगा संजय कुमार की पृष्ठभूमि ने विवाद खड़ा कर दिया। संजय कुमार पर पूर्व में औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना अध्यक्ष रहते हुए 250 किलो गांजा बेचने का केस दर्ज था। इस मामले में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। हालांकि, उन्होंने पटना उच्च न्यायालय से बेल ले ली और विभागीय कार्रवाई अभी भी जारी है।


वर्तमान में संजय कुमार जहानाबाद जिले के एसपी कार्यालय में हिंदी शाखा के प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। इस स्थिति में सवाल उठ रहे हैं कि जिस अधिकारी पर भारी गांजा केस चल रहा हो, वह सूखा नशा के खिलाफ अभियान में एसपी के साथ कैसे शामिल हो सकता है।


सूत्रों के अनुसार, जहानाबाद के वर्तमान एसपी अपराजित लोहान को संजय कुमार की पृष्ठभूमि की जानकारी होने के बावजूद न तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है और न ही उन्हें लाइन क्लोज किया गया है। विवादित दारोगा अभी भी एसपी कार्यालय में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं, जिससे विभाग की विश्वसनीयता और नशा विरोधी अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।