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Bihar Co Action: एक महिला CO ने किया बड़ा खेल...अवकाश में भी की दाखिल खारिज, DM ने किया खुलासा तब विभाग ने दिया यह दंड

महिला अंचल अधिकारी नुजहत पर विभागीय कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जांच कर पाया कि अधिकारी ने अवकाश अवधि में अनधिकृत रूप से दाखिल-खारिज का कार्य किया और नियमों का उल्लंघन किया।

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AI से सांकेतिक तस्वीर
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Viveka Nand
4 मिनट

Bihar Co Action: बिहार की एक महिला अंचल अधिकारी ने बड़ा खेल किया था. जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद भी उक्त अंचलाधिकारी को सस्पेंड नहीं किया गया. अब विभागीय कार्यवाही चलाकर दंड दिया गया है. महिला अंचल अधिकारी के खिलाफ दर्जन भर आरोप थे. जिलाधिकारी ने 17 मई 2025 को आरोप पत्र गठित कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को उपलब्ध कराया था. दरअसल, महिला अंचल अधिकारी ने अवकाश अवधि में भी गलत मंशा से दाखिल खारिज किया. 

मामला जहानाबाद के रतनी फरीदपुर अंचल का है. जहां की महिला अंचल अधिकारी नुजहत ने बड़ा खेल किया है. अंचल अधिकारी, रतनी फरीदपुर, जहानाबाद पर आरोप हैं कि इन्होंने चिकित्सीय ईलाज हेतु अवकाश की स्वीकृति एवं उपभोग के बाद योगदान नहीं किया. अवकाश अवधि का प्रभार प्रतिस्थानी अंचल अधिकारी को नहीं सौंपा. अवकाश अवधि के दरम्यान विशेष परिस्थितियों में संपर्क करने हेतु बिना संपर्क संख्या उपलब्ध कराये एवं अंचल का विधिवत् प्रभार दिये बिना अवकाश में प्रस्थान कर गई. अवकाश अवधि समाप्त होने के बावजूद जिला कार्यालय में योगदान समर्पित नहीं करने के कारण अंचल के दैनिक कार्यों / राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. साथ ही अवकाश अवधि में डोंगल का उपयोग कर दाखिल-खारिज कार्यों का निष्पादन किया. इसके अलावे कई अन्य आरोप थे. 

आरोप पत्र में गठित आरोपों एवं सीओ नुजहत से मिले स्पष्टीकरण की समीक्षा में पाया गया कि "श्रीमती नुजहत के खिलाफ लगाये गये आरोप मुख्य रूप प्रक्रियात्मक विलम्ब और अनाधिकृत रूप से अनुपस्थिति से संबंधित है। आरोपी पदाधिकारी ने चिकित्सीय ईलाज के लिए अवकाश उपभोग का हवाला दिया गया है,लेकिन न तो चिकित्सा से संबंधित किसी बीमारी का जिक्र किया है और न ही किसी प्रकार चिकित्सीय प्रमाण पत्र अपने स्पष्टीकरण के समर्थन में उपलब्ध कराया गया है।अवकाश अवधि में अपने प्रतिस्थानी को प्रभार नहीं सौपा जाना उच्चाधिकारी के आदेश अवज्ञा किया जाना है। 

सीओ द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि उनके द्वारा न केवल समय पर पत्राचार किया गया बल्कि दोषी कर्मियों के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा भी की गई है, साथ ही अंचल की रैंकिंग में अपेक्षित सुधार भी किया गया है. फिर भी अवकाश अवधि में आरोपी पदाधिकारी द्वारा लंबित मामलों का निस्तारण किया जाना नियमानुकूल नहीं है, जो प्रथम द्रष्ट्या उनकी संदिग्ध मंशा को परिलक्षित करता है। इसका अभिप्राय यह है कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा अवकाश अवधि में अपने डोंगल का इस्तेमाल कर निजी स्वार्थवश किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उक्त चूक की गई है। उक्त तथ्यों के आलोक आरोपी पदाधिकारी का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।

जहानाबाद के रतनी फरीदपुर अंचल की महिला अंचल अधिकारी नुजहत का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं पाये जाने के फलस्वरूप अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा आरोपी पदाधिकारी के विरुद्ध "संचयी प्रभाव के बिना 01 (एक) वेतनवृद्धि पर रोक का दण्ड" अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है।

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रिपोर्टर / लेखक

Viveka Nand

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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