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Supaul viral video : महिला संग पकड़े गए मौलवी की भीड़ ने की धुनाई, पंचायत ने दो लाख में दबाया केस; वायरल हुआ वीडियो

सुपौल जिले के तुलसीपट्टी गांव में एक मौलवी और शादीशुदा महिला को पेड़ से बांधकर पीटने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पंचायत द्वारा दो लाख रुपए में मामला दबाने की कोशिश उजागर हो गई, और अब पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।

Supaul viral video : महिला संग पकड़े गए मौलवी की भीड़ ने की धुनाई, पंचायत ने दो लाख में दबाया केस; वायरल हुआ वीडियो
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Supaul viral video : सुपौल जिले से एक चौंकाने वाला और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बलुआ बाजार थाना क्षेत्र के तुलसीपट्टी गांव में रविवार को भीड़ ने एक प्रेमी जोड़े को न सिर्फ पकड़ा, बल्कि उन्हें पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा। इस अमानवीय पिटाई का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई है और मामला जोर पकड़ रहा है।


कैसे बढ़ा मामला? आपत्तिजनक स्थिति में दिखे तो मच गया हंगामा

सूत्रों के अनुसार, जिस व्यक्ति को भीड़ ने पकड़ा है, वह एक मौलवी है, जो गांव में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम करता था। ग्रामीणों का दावा है कि वह एक शादीशुदा महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में दिख गया। जैसे ही यह बात फैली, गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और बिना सोचे-समझे दोनों को पकड़ लिया। भीड़ बढ़ते-बढ़ते हिंसक हो गई और मौलवी को जोरदार तरीके से पीटने लगी। बाद में दोनों को एक पेड़ से बांध दिया गया।


भीड़ ने खुद कर दी ‘सज़ा’—पंचायत ने लगाया दो लाख का जुर्माना

घटना के बाद गांव में तत्काल पंचायत बुलाई गई। बताया जाता है कि पंचायत ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के दोनों पर कथित रूप से ‘सामाजिक जुर्माना’ लगाते हुए मामला दबाने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, पंचायत ने लगभग दो लाख रुपये का दंड लगाकर विवाद को निपटा दिया।


इस तरह भीड़ और पंचायत ने कानून को पूरी तरह दरकिनार करते हुए खुद ही सज़ा तय की, जो न सिर्फ अवैध है बल्कि गंभीर अपराध भी है। ग्रामीणों ने सोचा कि मामला वहीं दब जाएगा, लेकिन वीडियो ने सबकी मेहनत पर पानी फेर दिया।


वीडियो वायरल, पुलिस हरकत में—मामले में शुरू हुई कार्रवाई

किसी ग्रामीण ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। कुछ ही घंटों में वीडियो वायरल हो गया और मामले को लेकर हड़कंप मच गया। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि कैसे दोनों को पेड़ से बाँधकर रखा गया है और भीड़ मौलवी की पिटाई कर रही है।


वीडियो वायरल होने के बाद बलुआ बाजार पुलिस सक्रिय हुई। थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि वीडियो की जांच पूरी कर ली गई है और अब इस घटना से जुड़े लोगों पर केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


उन्होंने कहा कि यह मामला कानून अपने हाथ में लेने का गंभीर उदाहरण है। चाहे किसी पर कोई भी आरोप क्यों न हो, सज़ा देने का अधिकार सिर्फ अदालत का है, लोगों का नहीं। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई होगी।


कानून हाथ में लेने की बढ़ती घटनाओं पर उठ रहे सवाल

हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां भीड़ कानून को नजरअंदाज कर खुद ही सजा तय कर लेती है। सामाजिक मामलों में पंचायतों द्वारा जुर्माना लगाना या समझौता कराना नई बात नहीं, लेकिन हिंसा के मामलों में भीड़ का मुकदमा चलाकर निर्णय सुनाना कानून व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा करता है।


गांव में चर्चा तेज—लोगों में दहशत और गुस्सा दोनों

इस घटना के बाद तुलसीपट्टी गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग पंचायत और ग्रामीणों के कदम का बचाव कर रहे हैं, तो कई लोग इसे पूरी तरह गलत बता रहे हैं। महिला के परिवार ने भी इस पूरी घटना से खुद को अलग रखते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा। गांव में अब माहौल तनावपूर्ण है और पुलिस की टीम लगातार निगरानी में लगी है ताकि कोई नई घटना न हो।

रिपोर्टिंग
S

रिपोर्टर

SANT SAROJ

FirstBihar संवाददाता