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हाईकोर्ट में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गलत जानकारी देकर फंसी सरकार, कोर्ट में मांगनी पड़ी माफी

PATNA : बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नीतीश सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में दी गई जानकारी गलत निकली तो सरकार की फजीहत हो गई. राज्य में कोरोना के नए वेरिएंट से निपटने के लिए स्व

हाईकोर्ट में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गलत जानकारी देकर फंसी सरकार, कोर्ट में मांगनी पड़ी माफी
First Bihar
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PATNA : बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नीतीश सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में दी गई जानकारी गलत निकली तो सरकार की फजीहत हो गई. राज्य में कोरोना के नए वेरिएंट से निपटने के लिए स्वास्थ्य इंतजामों को लेकर सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में दी गई रिपोर्ट के आंकड़े सटीक नहीं थे. इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया. आखिरकार शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत में कोर्ट में खेद जताया. 


प्रत्यय अमृत ने कोर्ट में सरकार की तरफ से गलत रिपोर्ट देने के लिए माफी मांग के खेद जताया है. इतना ही नहीं सरकार ने गलत रिपोर्ट वापस लेने के लिए हलफनामा भी दायर किया. लेकिन हाईकोर्ट ने इसे नामंजूर कर दिया. हाईकोर्ट ने सीधे तौर पर कह दिया कि डिफेक्टिव ही सही लेकिन सरकार की है. रिपोर्ट कोर्ट के रिकॉर्ड में रहेगी.


शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस मामले की सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने खुद स्वीकार किया कि रिपोर्ट को अंतिम रूप से बनाने में चूक हो गई. वह विरोधाभासी आंकड़ों को नहीं देख सके जो रिपोर्ट में दी गई. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट को बार-बार सॉरी कहते हुए हलफनामे पर दायर हुई राज्य सरकार की रिपोर्ट को वापस लेने की गुहार भी लगाई. 


लेकिन कोर्ट ने वीआर सॉरी कहते हुए इससे रिजेक्ट कर दिया. आपको बता दें कि शिवानी कौशिक की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने आगामी 24 दिसंबर तक सही रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.


दरअसल, पटना हाईकोर्ट ने राज्य भर में उपलब्ध मेडिकल स्टाफ, दवाइयां, ऑक्सिजन और एम्बुलेंस के संबंध में ब्योरा मांगा था. इसमें राज्य सरकार की ओर से विरोधाभासी हलफनामा दायर किया गया, जिसे लेकर खंडपीठ ने नाराजगी जाहिर की. शिवानी कौशिक की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार सुनवाई कर रहे थे.

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