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Bihar News : “16 एकड़ जमीन विवाद में पप्पू पांडेय को बड़ी राहत, SC ने जेडीयू विधायक और उनके भाई के गिरफ्तारी पर लगाई रोक

गोपालगंज के बेलवा जमीन विवाद मामले में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

Bihar News : “16 एकड़ जमीन विवाद में पप्पू पांडेय को बड़ी राहत, SC ने जेडीयू विधायक और उनके भाई के गिरफ्तारी पर लगाई रोक
Tejpratap
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Bihar News : गोपालगंज के चर्चित बेलवा जमीन विवाद मामले में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके बड़े भाई सतीश पांडेय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। देश की सर्वोच्च अदालत ने मामले की पूरी सुनवाई होने तक दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद समर्थकों और जदयू कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल देखा जा रहा है, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


जानकारी के अनुसार, कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में करीब 16 एकड़ जमीन पर कब्जा करने और विरोध करने वालों को धमकी देने के आरोप में विधायक पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई और शिकायत करने वालों को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई थी।


मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विपक्षी दल लगातार जदयू विधायक पर हमला बोल रहे थे। वहीं दूसरी ओर विधायक पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक साजिश और बदनाम करने की कोशिश बता रहा था। विधायक समर्थकों का कहना है कि जमीन विवाद को जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया गया और विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की।


सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विधायक पक्ष की ओर से दलील दी गई कि मामले में लगाए गए आरोप तथ्यों से परे हैं और राजनीतिक द्वेष के कारण उन्हें फंसाया गया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया।


सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद गोपालगंज में विधायक समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कई जगहों पर समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। जदयू कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पहले से ही न्यायपालिका पर भरोसा था और अब सच सामने आने लगा है। समर्थकों का दावा है कि अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि मामला उतना मजबूत नहीं था जितना विपक्ष द्वारा प्रचारित किया जा रहा था।


हालांकि विपक्षी दल इस फैसले को केवल अंतरिम राहत बता रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी सिर्फ गिरफ्तारी पर रोक लगाई है, मामले को खत्म नहीं किया गया है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि जमीन विवाद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।


बेलवा जमीन विवाद लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर कई बार तनाव की स्थिति भी बनी थी। प्रशासन की ओर से भी पूरे मामले पर नजर रखी जा रही थी। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।


फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय को बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में इस केस की सुनवाई और जांच पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर आने वाले समय में जिले की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।